नासिक की पेठ तहसील में भीषण जल संकट: बूंद-बूंद को तरस रहे लोग, पानी की किल्लत से युवाओं की शादियां रुकीं
Nashik Water Crisis: नासिक की पेठ तहसील में भीषण जल संकट से कुएं सूखे। महिलाओं को बूंद-बूंद पानी के लिए दर-बदर भटकना पड़ रहा है, पानी की कमी से युवाओं के विवाह संबंध भी टूट रहे हैं।
- Written By: रूपम सिंह
जल संकट (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Nashik Water Crisis Chikhali Village Well: नासिक जिले के पेठ तहसील अंतर्गत आने वाले आदिवासी और सूखाग्रस्त ग्रामीण इलाकों में इन दिनों भीषण जल संकट पैदा हो गया है। कड़कड़ाती धूप और पानी की भारी कमी के कारण स्थानीय नागरिकों और मवेशियों का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
गर्मियों के इस चरम दौर में पेयजल की समस्या बेहद गंभीर हो चुकी है, लेकिन स्थानीय प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से ग्रामीणों में गहरी चिंता और नाराजगी है। पेठ तहसील के सूखाग्रस्त गांवों और ढाणियों के कुएं पूरी तरह सूख चुके हैं। इस वजह से महिलाओं को एक-एक घड़ा पानी जुटाने के लिए जंगलों और पहाड़ों पर भटकना पड़ रहा है।
पेठ तहसील के चिखली गांव के उस कुएं को दर्शाती है जिसका पानी पूरी तरह खत्म हो चुका है और वह तल तक सूख गया है। शेपुझरी (काहंडोल पाडा) की छोटी बच्चियों को दिखाती है, जो मिट्टी के ढेरों के बीच खोदे गए एक छोटे से गड्डे (झिरा) से कटोरी की सहायता से बूंद बूंद पानी इकट्ठा कर अपने घड़े भर रही हैं।
सम्बंधित ख़बरें
बूथ कार्यकर्ता से मुख्यमंत्री तक, देवेंद्र फडणवीस का वह सफर जो हर किसी के लिए प्रेरणा है
नागपुर से इतना खास लगाव क्यों रखते हैं देवेंद्र फडणवीस? तस्वीरों में जानिए सफर!
Iran Attack Kuwait: ईरान ने कुवैत के वाटर प्लांट्स पर किया बड़ा हमला, 90% आबादी के सामने जल संकट
अजीत पवार और बारामती: सात बार विधायक बनने से लेकर बारामती मॉडल गढ़ने तक का राजनीतिक सफर
ग्रामीण महिलाओं को पानी के लिए सुबह तड़के से ही सिर पर घड़े रखकर 2 से 3 किलोमीटर दूर स्थित कुओं, झरनों और प्राकृतिक जलस्त्रोतों की ओर पथरीले रास्तों से जाना पड़ता है। हालात इतने बदतर हैं कि कुछ महिलाओं को नदी के सूखे पाट में छोटे गड्ढे खोदकर रात-रात भर जागकर पानी का इंतजाम करना पड़ता है।
रोज सवेरे पानी के लिए लगानी पड़ती है लंबी कतार
कई जगहों पर तो पानी के लिए लंबी कतारें लगी रहती हैं और महिलाओं को आधी रात या तड़के सुबह तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। पेठ तहसील के बोरीचीवाडी, वांगणी, तांदलू, खंबाले, धोंडमाल, खोकरतले, चाफ्याचा पाडा, शिराले, अंबापूर, नालशेत, देशपाडा, चिखली, मोहुली पाडा, रानविहीर, नवापाडा (आंबास), बेलपाडा, नालशेत, मोहपाडा और आमडोंगरा आदि गांवों और बस्तियों में पानी का तीव्र संकट है।
यह भी पढ़ें:- मकानों की गिनती के दौरान दिखे जिंदगी के दो पहलू: शिक्षक ने साझा किए जनगणना के भावुक अनुभव
पानी के कारण नहीं हो रही गांव में शादी
गांव की महिलाओं ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि पानी की यह किल्लत अब एक बड़ी सामाजिक समस्या बन चुकी है। पानी की गंभीर समस्या के कारण गांव के कई युवाओं की शादियां रुक गई है। जब भी कोई रिश्ते के लिए बातचीत करने आता है, तो वे सबसे पहले यही पूछते हैं कि गांव में पानी की क्या स्थिति है। गांव में पानी न होने की बात जानकर कई बार लोग शादी से इनकार कर देते हैं और रिश्ते टूट जाते है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि पानी के लिए आखिर कब तक हमारी जिंदगी इस तरह दांव पर लगी रहेगी?
