नासिक में गहराया जल संकट, 106 गांव और 238 वाडियों में टैंकरों से जलापूर्ति, करीब 2 लाख लोग प्रभावित

Nashik Water Crisis: नासिक जिले में भीषण गर्मी और गिरते भूजल स्तर के कारण 106 गांवों और 238 वाडियों में गंभीर जल संकट उत्पन्न हो गया है, जहां 116 टैंकरों से करीब 2 लाख लोगों को पानी की आपूर्ति हे रही।
nashik jal sankat 106 gaon 238 vadi tanker water supply
Water Crisis (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Nashik Tanker Water Supply: भीषण गर्मी के कारण जलस्रोतों का जलस्तर तेजी से घटने से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर जल संकट उत्पन्न हो गया है। वर्तमान स्थिति में जिले के 106 गांवों और 238 वाडियों में टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है। कुल 116 टैंकरों के जरिए 1 लाख 95 हजार 869 लोगों की प्यास बुझाई जा रही है। अप्रैल माह की शुरुआत से ही तेज गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है।

इस वर्ष अधिकतम तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है और तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। बढ़ती गर्मी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के जलस्रोतों का पानी तेजी से कम हो गया है। कुएं, बोरवेल और छोटे जलस्रोत सूख चुके हैं, जिससे लोगों को भीषण गर्मी में पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।

टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति शुरू

जल संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने अस्थायी उपाय के तौर पर 106 गांवों और 238 वाडियों में 116 टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति शुरू की है। इसके अलावा दो गांवों के लिए 2 कुओं तथा टैंकर आपूर्ति हेतु 44 कुओं सहित कुल 46 कुओं का अधिग्रहण प्रशासन द्वारा किया गया है। जिले में सबसे अधिक जल संकट येवला तालुका में देखने को मिल रहा है।

यहां 36 गांवों और 47 वाडियों सहित कुल 83 स्थानों पर पानी की कमी उत्पन्न हो गई है, जहां 33 टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है। इसके बाद इगतपुरी तालुका में 8 गांवों और 41 वाडियों के लिए 20 टैंकर लगाए गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में गर्मी और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में प्राकृतिक जलस्रोतों में पानी का स्तर और कम हो सकता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।

जिले की वर्तमान जल स्थिति:

  • कुल प्रभावित गांव और वाडियां : 344
  • प्रभावित जनसंख्या : 1,95,869
  • संचालित टैंकर : 116
Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com