नासिक मनपा के दो विभाग आमने-सामने, PWD ने सड़क खुदाई रोकी, जलापूर्ति विभाग ने काम जारी रखने के दिए आदेश

Nashik Water Supply: नासिक मनपा के PWD विभाग ने मानसून में सड़क खुदाई पर रोक लगाई है, जबकि जलापूर्ति विभाग ने पाइपलाइन का काम जारी रखने को कहा है। इस विरोधाभास से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा है।
Nashik Municipal Corporation's PWD banned road digging till Oct 15, but the water supply dept ordered pipeline work to continue, creating chaos & accident risks.
सड़क खुदाई प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
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Nashik Municipal Corporation: नासिक महानगरपालिका (मनपा) के दो विभागों के बीच आपसी तालमेल की कमी एक बार फिर सामने आई है। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने मानसून के दौरान शहर में सड़क खुदाई पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है, जबकि जलापूर्ति विभाग ने अपने ठेकेदारों को बारिश में भी पाइपलाइन बिछाने का काम जारी रखने के निर्देश दिए हैं। इन विरोधाभासी आदेशों के कारण शहर में भ्रम गई है।

सार्वजनिक की स्थिति पैदा हो निर्माण विभाग ने स्पष्ट परिपत्र जारी कर 4 जून से 15 अक्टूबर तक किसी भी प्रकार की सड़क खुदाई पर रोक लगा दी है। विभाग का तर्क है कि बारिश के दौरान खोदी गई सड़कों की तत्काल मरम्मत करना संभव नहीं होता, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

यदि इस अवधि में बिना अनुमति खुदाई की जाती है या कोई दुर्घटना होती है, तो संबंधित विभाग या कंपनी पूरी तरह जिम्मेदार होगी। 4 जून तक सभी खुदाई कार्यों को पूरा करके सड़कों को यातायात के लिए पूर्ववत सुरक्षित करने के निर्देश दिए गए थे।

जलापूर्ति विभाग का विरोधाभासी कदम

निर्माण विभाग के आदेश के बावजूद, जलापूर्ति विभाग ने ठेकेदारों को पाइपलाइन बिछाने का काम जारी रखने को कहा है। इसके कारण पाइपलाइन कार्यों के लिए दोबारा सड़क खुदाई करने की आवश्यकता होगी, जिससे बनी-बनाई सड़कें फिर से क्षतिग्रस्त हो जाएंगी।

बारिश में खुले गड्ढे यातायात के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। एक ही संस्थान के दो विभागों के अलग-अलग आदेशों से न केवल ठेकेदारों में भ्रम है, बल्कि यह नासिक मनपा प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

मानसून के दौरान पाइपलाइन के नाम पर होने वाली खुदाई से शहर की सड़कें दलदल में बदल सकती हैं। सड़कों पर गड्ढे होने और यातायात बाधित होने से होने वाली किसी भी अप्रिय घटना के लिए अब जवाबदेही तय करना भी चुनौतीपूर्ण होगा।

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