नासिक में मानसून से पहले मनपा का डेंगू रोधी अभियान; 951 घरों में मिला मच्छरों का लार्वा, आयुक्त ने की ये अपील

Nashik Dengue News: नासिक मनपा ने मानसून के मद्देनजर डेंगू-मलेरिया रोकथाम के लिए अभियान तेज किया है। आयुक्त मनीषा खत्री के निर्देश पर 62 टीमें घर-घर जाकर फॉगिंग और जांच कर रही हैं।
Nashik Municipal Corporation launched a massive drive to curb dengue and malaria ahead of monsoon. Around 62 special teams are conducting door-to-door inspections.
डेंगू अभियान (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Nashik NMC dengue campaign: आगामी मानसून को देखते हुए नासिक महानगरपालिका ने डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए शहरभर में व्यापक अभियान शुरू किया है। मनपा आयुक्त मनीषा खत्री के मार्गदर्शन में 62 विशेष डेंगू रोधी टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में घर-घर जाकर निरीक्षण, फॉगिंग और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कर रही हैं।

मनपा के अनुसार अप्रैल माह के दौरान 1 लाख 94 हजार 798 घरों की जांच की गई। इस दौरान 951 घरों में डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के लार्वा पाए गए। वहीं 2 लाख 28 हजार 533 जल स्रोतों की जांच में 1,404 स्थानों पर लार्वा मिलने की पुष्टि हुई। मच्छरों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए 38 हजार 551 स्थानों पर फॉगिंग और कीटनाशक छिड़काव किया गया।

अभियान के तहत 1,115 जलस्रोतों को खाली कराकर साफ कराया गया, जबकि 674 स्थानों पर मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के लिए गप्पी मछलियां छोड़ी गईं। ये मछलियां लार्वा खाकर मच्छरों की संख्या नियंत्रित करने में मदद करती हैं।

मनपा ने बताया कि नालों और सेप्टिक टैंकों में ‘एमएलओ’ दवा का छिड़काव किया जा रहा है, जबकि स्वच्छ पानी के टैंकों और कुओं में ‘टेमीफोस’ दवा डाली जा रही है, जिससे मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके। इसके अलावा निर्माण स्थलों, कबाड़खानों और टायर दुकानों जैसे संभावित जोखिम वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

नासिक मनपा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन स्थानों पर पानी जमा रहने या स्वच्छता संबंधी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां संबंधित व्यक्तियों और संस्थानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

आयुक्त मनीषा खत्री ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि घरों और आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा न होने दें तथा सप्ताह में कम से कम एक दिन ‘ड्राई डे’ जरूर मनाएं। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

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