नासिक वोटर लिस्ट सुधार अभियान, डुप्लीकेट नाम हटाने की प्रक्रिया तेज; बीएलओ कर रहे घर-घर सत्यापन

Voters Verification: नासिक वेस्ट विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट से डुप्लीकेट, मृत और स्थानांतरित वोटरों के नाम हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। डीएम आयुष प्रसाद ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है।
Nashik voter list correction campaign: Process to remove duplicate names accelerated; BLOs conducting door-to-door verification
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Nashik West Voter List: नासिक राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देशानुसार, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की वोटर लिस्ट से डुप्लीकेट नाम सत्यापित करने और उन्हें हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

इस संबंध में डीएम और जिला निर्वाचन अधिकारी आयुष प्रसाद ने नागरिकों से अपील की है कि वे 125 नासिक वेस्ट विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट को शुद्ध बनाने में प्रशासन का सहयोग करें।

कैसे करें आवेदन और क्या है

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि डुप्लीकेट, माइग्रेटेड (स्थानांतरित) और मृत वोटरों के नाम हटाने के लिए नागरिक प्रक्रिया ? निम्नलिखित माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं- पोलिंग स्टेशन लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के जरिए जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा किया जा सकता है। नागरिक सीधे चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर स्वयं आवेदन कर सकते हैं। वर्तमान में बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करने का कार्य प्रगति पर है, ताकि माइग्रेटेड और मृत वोटरों की पहचान की जा सके।

लिस्ट ऑनलाइन उपलब्ध

निर्वाचन विभाग ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं- 125 नासिक वेस्ट विधानसभा क्षेत्र में जिन वोटरों की डुप्लीकेट एंट्री पाई गई है, उनकी पूरी सूची जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। सभी वोटरों को सलाह दी गई है कि वे इस लिस्ट में अपना नाम चेक करें, यदि किसी का नाम गलती से दो जगह दर्ज है, तो उन्हें तुरंत इसकी जानकारी देनी चाहिए ताकि निर्वाचन विभाग लिस्ट को सही और गलती मुक्त रख सके।

पारदर्शी चुनाव के लिए जरूरी कदम

जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने जोर देकर कहा कि एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए वोटर लिस्ट का शुद्ध होना अनिवार्य है। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर दो अलग-अलग जगहों पर अपना नाम रखता है, तो यह नियमानुसार गलत है।

नागरिकों को स्वयं आगे आकर डुप्लीकेट एंट्री की सूचना देनी चाहिए ताकि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका न रहे। प्रशासन का लक्ष्य है कि आगामी चुनावों से पहले प्रत्येक मतदाता की पहचान पुख्ता हो और लिस्ट में कोई भी फर्जी नाम न रहे,

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