गर्मियों से पहले प्रशासन सक्रिय, नासिक में जल संकट से निपटने की तैयारी; 1,075 गांवों के लिए योजना
Nashik Water Scarcity: नासिक जिले में जल संकट से निपटने 1,075 गांवों के लिए योजना तैयार, 7.38 करोड़ खर्च होंगे। 846 स्थानों पर टैंकर से पानी आपूर्ति की व्यवस्था की गई।
- Written By: अंकिता पटेल
Nashik Water Management Plan ( Source: Social Media )
Nashik Water Management Plan: नासिक जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मियों के दौरान संभावित पानी की किल्लत को देखते हुए जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। प्रशासन के किल्लत विभाग को ‘जल किल्लत कार्य योजना’ प्राप्त हो गई है, जिसके तहत जिले के कुल 1,075 गांवों और बस्तियों में पानी की समस्या दूर करने के लिए विभिन्न उपाय किए जाएंगे।
7.38 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान : जिला परिषद और भूजल सर्वेक्षण विभाग की मदद से तैयार की गई इस कार्य योजना के लिए 7 करोड़ 38 लाख 25 हजार रुपये का भारी-भरकम प्रवधान किया गया है यह योजना 1 अक्टूबर 2025 से 30 जून 2026 तक की अवधि के लिए बनाई गई है, जिसे 3 चरणों में लागू किया जाएगा।
जिले के 260 गांवों और 586 बस्तियों (कुल 846 स्थानों) पर टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 6 करोड़। 36 लाख 48 हजार रुपये अलग से आवंटित किए गए हैं।
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र में 30 जून से पहले लागू होगी किसान कर्जमाफी योजना, कृषि मंत्री का बड़ा बयान
यवतमाल में महावितरण का बड़ा एक्शन: दो दिनों में 1 करोड़ 2 लाख रुपये की हाईटेक बिजली चोरी का पर्दाफाश
हाथ में पर्ची, दवा की तलाश! मेडिकल स्टोर्स की हड़ताल से नागपुर बेहाल; मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
गोंदिया में जिलाधीश ने बाल अपराध और बाल विवाह रोकने के दिए सख्त निर्देश, 22 हजार से अधिक लोगों ने ली शपथ
वैकल्पिक स्रोतों को सक्रिय करने का निर्णय लिया
प्रशासन ने केवल टैंकरों पर निर्भर न रहकर अन्य वैकल्पिक स्रोतों को भी सक्रिय करने का निर्णय लिया है- पानी की कमी को दूर करने के लिए जिले के विभिन्न गांवों और बस्तियों में 224 निजी कुओं का अधिग्रहण किया जाएगा।
प्रगतिशील पाइपलाइन यौजनाओं को पूरा करना, नए नलकूप खोदना, पुराने कुओं की मरम्मत करना और उनकी गहराई बढ़ाना, जिले के छोटे-बड़े 26 बांचों में वर्तमान में कुल 47 प्रतिशत जाल संग्रहण बचा है।
तहसीलवार किल्लत…
वर्तमान में येवला, इगतपुरी, देवला और सिन्नर जैसी तहसीलों में किल्लत महसूस होने लगी है, जिसके चलते 18 टैंकरों के फेने शुरू कर दिए गए है- येवला सबसे अधिक 16 गांवों और 8 बस्तियों में पानी की किल्लत है, जहां 13 निजी टैंकरों से आपूर्ति हो रही है।
सिन्नर 14 बस्तियों में पानी की कमी दर्ज की गई है। इगतपुरी 2 गांव और 7 बस्तियां प्रभावित हैं। देवला 1 गांव प्यासा है, जहां टैंकर की सुविधा दी जा रही है।
यह भी पढ़ें:-नासिक में स्मार्ट ट्रैवल की दिशा में कदम, NCMC कार्ड पंजीकरण हुआ तेज, वरिष्ठ नागरिकों को राहत
राहत की बात यह है कि पिछले मानसून में अच्छी बारिश के कारण आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों में अभी तक गंभीर जल संकट के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
