नासिक में गहराया जल संकट, बांधों में 18 दिन का पानी कम; मनपा की लापरवाही से जल्द लागू होगी पानी कटौती
Nashik Water Crisis: जलसंपदा विभाग की चेतावनी को नासिक मनपा द्वारा नजरअंदाज करने से बांधों में 18 दिन का जल भंडार कम हो गया है। अगस्त तक पानी चलाने के लिए जल्द कटौती लागू होगी।
- Written By: रूपम सिंह
जल संकट (सोर्स - सोशल मिडिया)
Nashik Municipal Corporation Negligence Water Crisis: नासिक शहरवासियों के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है। नासिक में पानी का संकट गहराता जा रहा है। जलसंपदा विभाग की चेतावनी को नगर निगम (मनपा) द्वारा नजरअंदाज किए जाने का खामियाजा अब शहर को भुगतना पड़ सकता है। बांधों में उपलब्ध जल भंडारण में 18 दिनों की भारी कमी दर्ज की गई है, जिसके चलते जल्द ही शहर में पानी की कटौती लागू किए जाने के संकेत दिए गए हैं।
संकट का मुख्य कारण और लापरवाही
जलसंपदा विभाग ने मार्च महीने में ही मानसून में देरी और अल-नीनो के प्रभाव के चलते संभावित जल किल्लत के प्रति मनपा को सचेत कर दिया था। 23 मार्च को मंत्रालय में जलसंपदा मंत्री की उपस्थिति में हुई बैठक में मुख्य अभियंत
18 दिन का जल भंडारण कम
प्र.बा. मिसाल ने नासिक मनपा को पानी के उचित नियोजन के निर्देश दिए थे। हालांकि, मनपा की ओर से इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया जलसंपदा विभाग की समयपूर्व चेतावनी को मनपा ने गंभीरता से नहीं लिया। शहर में रोजाना फटने वाली पाइपलाइनें, अवैध नल कनेक्शन और निर्माण कार्यों में पानी का बेतहाशा दुरुपयोग संकट को और बढ़ा रहा है। आधा जून बीतने के बाद भी मानसून ने अभी तक दस्तक नहीं दी है, जिससे बांधों का जलस्तर तेजी से नीचे गिर रहा है।
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पानी कटौती की तलवार
मनपा के जलापूर्ति विभाग ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार किया है। बांधों के पानी को अगस्त के अंत तक सुरक्षित रखने के लिए अब मनपा प्रशासन पानी की कटौती का कड़ा निर्णय लेने की तैयारी में है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मनपा ने मार्च-अप्रैल में ही जल संरक्षण और पाइपलाइन मरम्मत के प्रति सख्ती दिखाई होती, तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती।
शहरवासियों के लिए अब सतर्क रहने और पानी का उपयोग बेहद किफायत से करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
