प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Healthcare Education: छत्रपति संभाजीनगर विद्यार्थियों को मानव शरीर की संरचना, अंगों की कार्यप्रणाली और चिकित्सा शिक्षा के मूल तत्वों को प्रत्यक्ष देखकर समझना चाहिए, ऐसे प्रदर्शन जीवनभर स्मरणीय अनुभव प्रदान करते हैं। यह प्रतिपादन सामाजिक न्याय मंत्री तथा पालकमंत्री संजय शिरसाट ने किया।
शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं अस्पताल घाटी के शरीर रचना शास्त्र विभाग में ‘मार्डकॉन’ अंतर्गत आयोजित ‘ऑर्गन एक्जीबिशन’ मानव अंग प्रदर्शनी कार्यक्रम का उद्घाटन उनके हाथों संपन्न हुआ।
पालकमंत्री शिरसाट ने कहा कि वे घाटी अस्पताल को अपनी ही संस्था मानते हैं और उसके विकास के लिए हर संभव सहायता दी जाएगी। गत वर्ष जिला नियोजन मंडल से 56 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए थे। इस वर्ष 57 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
उद्देश्य यह है कि मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा और आवश्यक उपकरण उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि 30 विद्यालयों से आए विद्यार्थियों के मन में घाटी के प्रति सम्मान की भावना विकसित होगी।
अधिष्ठाता डॉ. शिवाजी शुक्रे ने कहा कि देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ने से चिकित्सा अध्ययन के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हो रहे हैं। पाठ्यपुस्तकों मैं पढ़ी गई जानकारी जब प्रत्यक्ष देखी जाती है तो का स्थायी रूप से स्मरण में रहती है।
जटिल शल्यक्रियाओं से पूर्व विशेषज्ञ चिकित्सक भी शरीर रखना विभाग में अध्ययन करते हैं। घाटी अस्पताल में निकट भविष्य में कई नई सुविधाएं प्रारंभ होंगी। स्त्री रोग विभाग के लिए लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से लेबर रूम परियोजना कार्यान्वित की जा रही है।
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दुर्घटना विभाग में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही है। नया सभागार और वातानुकूलित एक्स रे कक्ष शीघ्र प्रारंभ होंगे। इन सुविधाओं से सामान्य नागरिको को अधिक सुदृद्ध चिकित्सा सेवा प्राप्त होगी।