

त्र्यंबकेश्वर में 31 अक्टूबर के धर्म ध्वजारोहण समारोह की तैयारियां तेज।
विभिन्न अखाड़ों में प्रमुख संतों का आगमन शुरू।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राज्यपाल के शामिल होने की संभावना के मद्देनजर सुरक्षा तैयारियां।
कुशावर्त परिसर से वन विभाग ने 12 बंदरों को पकड़ा।
रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर में समारोहों के लिए पास, आसन, यातायात और पार्किंग की व्यवस्था पर जोर।
Nashik Trimbakeshwar Simhastha Kumbh Droupadi Murmu Flag Hoisting: नासिक-त्र्यंबकेश्वर में 31 अक्टूबर को होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के धर्म ध्वजारोहण समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। अखाड़ों में प्रमुख संतों का आगमन शुरू हो गया है। प्रशासन यातायात, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहा है। कुशावर्त परिसर में बंदरों के उत्पात को देखते हुए वन विभाग ने अभियान चलाकर 12 बंदरों को पकड़ा है।
आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले के धर्म ध्वजारोहण समारोह की तारीख नजदीक आने के साथ ही त्र्यंबकेश्वर में धार्मिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। 31 अक्टूबर को होने वाले समारोह के लिए विभिन्न अखाड़ों में प्रमुख संतों का आगमन शुरू हो गया है। संतों की मौजूदगी से अखाड़ों में तैयारियां बढ़ गई हैं और धार्मिक नगरी में उत्साह का माहौल है।
आवाहन अखाड़े के महंत सत्यागिरी महाराज का शनिवार शाम आगमन प्रस्तावित बताया गया है। अन्य अखाड़ों में भी प्रमुख संतों के पहुंचने का सिलसिला जारी है।
समारोह को सुचारू और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए कुंभमेला प्रशासन, नगर परिषद और विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी लगातार तैयारियों का निरीक्षण कर रहे हैं। कुशावर्त तीर्थ चौक पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की आवाजाही बढ़ी है, जबकि तेली गली क्षेत्र में भव्य मंडप का निर्माण किया जा रहा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राज्यपाल के समारोह में शामिल होने की संभावना को देखते हुए कुशावर्त तीर्थ, तेली गली मार्ग, मेन रोड और श्री त्र्यंबकेश्वर मंदिर परिसर में सुरक्षा तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सिंहस्थ कुंभ मेला विकास प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह ने रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर में होने वाले धर्म ध्वजारोहण समारोहों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों को पास वितरण, आसन व्यवस्था, यातायात, पार्किंग और प्रवेश-निकास मार्गों का व्यवस्थित नियोजन करने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने पर जोर दिया। कुंभ मेला आयुक्त, जिलाधिकारी, कुंभ मेला तंत्र के अधिकारी, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक और नगर परिषद के मुख्य अधिकारी भी तैयारियों का जायजा ले रहे हैं।
समारोह से पहले कुशावर्त परिसर और शहर में बंदरों के बढ़ते उत्पात को देखते हुए वन विभाग ने उन्हें पकड़ने का अभियान शुरू किया है। विभाग के अनुसार, शुक्रवार को 12 बंदरों को पकड़ा गया। क्षेत्र में 18 से 20 बंदरों के झुंड से लोगों को परेशानी होने की जानकारी सामने आई थी।
वन विभाग के मुताबिक, पकड़े गए बंदरों को फिलहाल विभागीय परिसर में पिंजरों में रखा जाएगा। उनके भोजन और पानी की व्यवस्था की गई है। बाद में उन्हें नजदीकी अभयारण्य में छोड़ने की योजना है। यह कार्रवाई वन परिक्षेत्र अधिकारी शेखर देवकर के मार्गदर्शन में की जा रही है।
धर्म ध्वजारोहण समारोह से पहले संतों के आगमन, मंडप निर्माण, सुरक्षा व्यवस्था और वन विभाग के अभियान के चलते त्र्यंबकेश्वर में सिंहस्थ कुंभ की तैयारियां अब तेज होती दिखाई दे रही हैं।