हिरकणी कक्ष से ड्रोन निगरानी तक, नासिक सिंहस्थ कुंभ 2027 में महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा का एक्शन प्लान तैयार
Nashik Kumbh Mela 2027: नासिक कुंभ मेले में महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एक्शन प्लान तैयार। नीलम गोर्हे ने महिला सहायता केंद्र, ड्रोन निगरानी, भरोसा सेल और दिव्यांग सुविधाओं के निर्देश दिए।
- Written By: आकाश मसने
नासिक सिंहस्थ कुंभ को लेकर बैठक लेतीं महाराष्ट्र विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोर्हे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nashik Simhastha Kumbh Women Safety: अगले वर्ष नासिक-त्र्यंबकेश्वर में आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु शामिल होंगी। इन महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता के लिए प्रशासन को हर संभव उपाय करने चाहिए। यह निर्देश महाराष्ट्र विधान परिषद की उपसभापति डॉ. नीलम गोर्हे ने दिए। शनिवार सुबह नासिक परिक्षेत्र विशेष पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में उनकी अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी।
सुरक्षा और सुविधाओं का ‘एक्शन प्लान’
नासिक सिंहस्थ कुंभ को लेकर आयोजित बैठक में नीलम गोर्हे ने महिलाओं और दिव्यांगों की गरिमा को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। प्रमुख स्थानों पर महिला सहायता केंद्र और शिशु देखभाल के लिए ‘हिरकणी कक्ष’ अनिवार्य रूप से बनाए जाएं। महिला श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त और स्वच्छ शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। दिव्यांगों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं।
भरोसा सेल और घरेलू हिंसा पर सख्ती
उपसभापति नीलम गोर्हे ने महिला अत्याचारों को रोकने के लिए ‘भरोसा सेल’ की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन तहसीलों में स्वतंत्र सेल नहीं है, वहां जिला स्तर से संवाद कायम किया जाए।
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बैठक की प्रमुख प्राथमिकताएं ये रहीं
घरेलू हिंसा के मामलों में पुलिस को पति-पत्नी के समझौते के बाद भी सतर्क रहने और ‘होम विजिट’ करने की सलाह दी गई है, ताकि सुरक्षा का माहौल बना रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला सुरक्षा केवल कुंभ मेले तक सीमित न रहकर प्रशासन की निरंतर कार्यशैली का हिस्सा होनी चाहिए।
- टेक्नोलॉजी: ड्रोन और आधुनिक निगरानी तंत्र का उपयोग।
- समन्वयः धुले, जलगांव, नंदुरबार और अहिल्यानगर पुलिस अधीक्षकों के साथ संयुक्त रणनीति।
- न्यायः महिला अत्याचार के मामलों में जांच तेज कर ‘दोषसिद्धि’ बढ़ाना, नशा मुक्तिः नशे के सौदागरों के खिलाफ कठोर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई।
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नशे और स्कूली सुरक्षा पर भी नजर
बैठक में नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के साथ मिलकर अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। छात्राओं की सुरक्षा के लिए आरटीओ के सहयोग से स्कूल बसों और रिक्शा की नियमित जांच करने को कहा गया है।
रेल यात्रा के दौरान भी महिलाओं के साथ होने वाली अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे पुलिस के साथ समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया। विशेष पुलिस महानिरीक्षक दत्तात्रय कराले ने बताया कि पांचों जिलों में ड्रोन तकनीक का प्रभावी उपयोग कर सुरक्षा घेरा मजबूत किया जा रहा है।
