जिप-पंचायत समिति चुनाव: संभाजीनगर में बदले सियासी समीकरण, परदे के पीछे की रणनीति उजागर
Sambhajinagar ZP Election: संभाजीनगर जिप-पा.स. चुनावों में दलों ने गुप्त रणनीति अपनाकर निर्दलीयों को समर्थन दिया। वैजापुर में उबाठा की अप्रत्याशित जीत से नए समीकरण बने।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Panchayat Samiti Results: छत्रपति संभाजीनगर जिला परिषद व पंचायत समिति के चुनावों के नतीजों ने जिले में नए समीकरण बनाने के साथ ही कई राजनीतिक दलों ने टिकट नहीं मिलने की स्थिति में सोची-समझी राजनीति के तहत अपने समर्थकों को अन्य पार्टियों में भेजकर येन-केन प्रकरण उन्हें जिताने में अहम भूमिका निभाने की बात सामने आई है।
वैजापुर तहसील में उद्धव बालासाहब ठाकरे पार्टी अस्तित्वहीन व दिशाहीन नजर आ रही थी। बावजूद इसके जिला परिषद चुनाव में उसके दो प्रत्याशियों ने जीत हासिल कर सभी को चौंका दिया है।
हाल ही में घोषित चुनावी नतीजों में विधायक प्रा. रमेश बोरनारे की अगुवाई में सर्वाधिक स्थान जीतकर शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने आई, पंचायत समिति चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजीत पवार) ने 4 स्थान व भाजपा तीसरे क्रमांक पर रही।
सम्बंधित ख़बरें
छत्रपति संभाजीनगर में वालूज उद्योगों के लिए गुंठेवारी नियमितीकरण का सुनहरा मौका, अभय योजना में मिलेगी भारी छूट
डायमंड गार्डन से मंडाले तक Mumbai Metro 2B कॉरिडोर बना गेमचेंजर, ट्रैफिक और प्रदूषण से मिलेगी राहत
जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम… BJP ने राहुल गांधी को याद दिलाया उनका ही पुराना बयान; केरलम में मचा बवाल
महंगाई डायन खाय जात है! ईंधन संकट का असर अब रसोई तक, मुंबई में सब्जियां, दूध और ट्रांसपोर्ट हुआ महंगा
जिप व पंचायत समिति चुनावों की घोषणा के बाद उबाठा की कमजोर स्थिति के चलते कोई भी प्रत्याशी उसके टिकट पर लड़ने राजी नहीं था। शिवसेना-भाजपा गठजोड़ के चलते कई इच्छुकों ने सपने पर पानी फिरता देखकर उबाठा का दामन थामा।
शिवसेना के संजय निकम ने ऐन वक्त पर पाला बदला व शिऊर जिप गट से चुनावी अखाड़े में कूद गए, जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आए, वैसे-वैसे शिवसेना-भाजपा के नेताओं ने कथित रूप से निर्दलीय प्रत्याशियों को पूरी मदद की व उनके दलों का नुकसान हुआ। यह भी कहना गलत नहीं होगा कि यदि युति रहती, तो अपवाद को यदि छोड़ दिया जाए, तो अन्य दलों को पैर पसारने का अवसर ही नहीं मिलता।
पुलिस से रिटायर्ड होकर पंस चुनाव में विजयी
संजय निकम य हुसैन शेख भले ही उबाठा शिवसेना के हों, पर उनकी जीत में विधायक बोरनारे की अहम भूमिका रही। निकम तहसील में कद्दावर व अनुभवी नेता माने जाते हैं।
पुलिस महकमे से सेवानिवृत होने के बाद हुसैन शेख सीधे चुनावी अखाड़े में कूद गए व चुनावी नैया पार की। बोरसर गट में उबाठा के मनोज गायके ने ताल ठोंक कर पूर्व विधायक भाऊसाहेब पाटील चिकटगांवकर के पुत्र व शिवसेना प्रत्याशी अजय पाटील चिकटगावकर को धूल चटा दी।
यह भी पढ़ें:-संभाजीनगर में नेत्र विशेषज्ञों की संयुक्त पहल, चिकित्सा में तकनीक, मरीजों को मिलेगा बेहतर उपचार
इस गट में गायके को भाजपा का समर्थन होने की खबर है, शिऊर गण से सोनाली जाधव ने बाजी मारकर दयनीय स्थिति की राकां (शरद पवार) में जान फूंकने की कोशिश की, सोनाली ने उबाटा के प्रत्याशियों को जिताने में चिचायक बोरनारे का अहम योगदान होने की बात भी कही है। चुनाव नतीजों ने साफ कह दिया है कि राजनीति में कोई स्थाई दुश्मन या दोस्त नहीं होता, छिपे समझौतों से किसी की राजनीतिक किस्मत चमक जाती है।
