Nashik: गरीबी का दर्दनाक सच:14 बच्चों की मां ने दो महीने के नवजात को बेचा, 6 और बच्चों पर भी खुलासा!
Tribal Woman Sells Newborn: नासिक के त्र्यंबकेश्वर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां आर्थिक तंगी से जूझ रही आदिवासी महिला ने अपने नवजात को बेच दिया। महिला ने पहले भी 6 बच्चों को बेच चुकी है।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
14-Child Woman Case In Nashik News : त्र्यंबकेश्वर तहसील के टाकेदेवगांव ग्राम पंचायत अंतर्गत बर्थ्यांची वाड़ी नामक आदिवासी पाड़े में रहने वाली एक महिला द्वारा अपने नवजात शिशु को बेच देने की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। स्थानीय जानकारी के अनुसार, उक्त महिला को अब तक कुल 14 संतानें हो चुकी हैं।
4 अक्टूबर 2025 को महिला का 14वां प्रसव सरकारी अस्पताल में करवाया गया था। बताया गया कि गर्भावस्था के पहले महीने से लेकर अंतिम चरण तक वह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय जांच, जैसे सोनोग्राफी या रक्त परीक्षण, के लिए अस्पताल आने को तैयार नहीं होती थी।
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा लगातार समझाने के बाद भी जब वह जांच कराने नहीं आई, तो विभागीय अधिकारियों ने हस्तक्षेप करते हुए प्रसव के लिए उसे मजबूरी में अस्पताल ले जाया। प्रसव सुरक्षित रहा और नवजात स्वस्थ था।
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घटना ने गंभीर मोड़ तब लिया जब प्रसव के दो माह बाद, स्वास्थ्य कर्मचारी नियमित वजन जांच के लिए महिला के घर पहुंचे और वहां नवजात शिशु नहीं मिला। पूछताछ में महिला ने बताया कि आर्थिक तंगी और बच्चे का पालन-पोषण करने में असमर्थता के कारण उसने नवजात को बेच दिया। सूत्रों के मुताबिक, महिला पहले भी छह बच्चों को बेच चुकी है।
11 बच्चे पुलिस हिरासत में
परिवार में 14 में से 12 बच्चे जीवित होने की जानकारी सामने आई है, उनमें से 1 बच्चे की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 3 बच्चों को तीन अलग-अलग जगहों पर दिया गया था।
पुलिस ने जिन परिवारों को ये बच्चे दिए गए थे, उन तीनों परिवारों और बच्चों को घोटी पुलिस स्टेशन लाया है। फिलहाल माता-पिता और अन्य 11 बच्च्चे घोटी पुलिस स्टेशन में मौजूद हैं।
प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार
सामाजिक कार्यकर्ता भगवान मधे ने इस घटना के लिए प्रशासन और सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी पैसे के लिए किसी माँ को अपने ही बच्चे को बेचना पड़ रहा है, इसके लिए पूरी तरह से प्रशासन जिम्मेदार है।
उन्होंने सवाल किया कि प्रशासन ने अब तक क्या किया और बताया कि इस मों को घरकुल (सरकारी आवास योजना) का लाभ भी नहीं मिला। उन्होंने बाल विकास विभाग से पूरी जाँच की मांग की है।
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी कर रही जाँच
पुलिस अधीक्षक बाळासाहेब पाटिल ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की बिक्री या हस्तांतरण के इस गंभीर मामले की गहन जाँच के लिए अब चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के माध्यम से जाँच शुरू की गई है।
भरड्याची वाड़ी में जाँच के दौरान पुलिस को घर में चार बच्चे मिले थे। माता-पिता और सभी बच्चों को घोटी पुलिस स्टेशन लाया गया है तथा CWC के माध्यम से प्रत्येक बच्चे और परिवार की विस्तृत जाँच की जा रही है।
