

Nashik Mumbai Long March: आदिवासी विद्यार्थियों की लंबित मांगों को लेकर सरकार को घेरने के उद्देश्य से सोमवार 28 सितंबर को नासिक से मुंबई स्थित राजभवन तक पैदल 'लॉन्ग मार्च' निकाला जा रहा है।
दोपहर में ईदगाह मैदान से यह मार्च मुंबई की ओर कूच करेगा। इस आंदोलन में राज्यभर से आदिवासी छात्र संगठन, सकल आदिवासी समाज और विपक्षी दलों के पदाधिकारी भाग ले रहे हैं।
इससे पूर्व 18 अगस्त से 1 सितंबर के बीच कई आंदोलन किए गए, लेकिन मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका। इसके बाद नासिक से राजभवन तक लॉन्ग मार्च निकालने का फैसला लिया गया।
आंदोलन के प्रमुख प्रशांत गावंढे, राहुल पावरा और सोनू गायकवाड़ ने बताया कि ईदगाह मैदान पर जारी धरने का संज्ञान लेते हुए आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उईके ने छात्रों से चर्चा की थी, लेकिन कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकल पाया। इसके बाद शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे और सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके ने भी इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया है।
घटिया भोजन देने वाले सेंट्रल किचन को बंद किया जाए।
आश्रमशालाओं में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
गढ़चिरौली में मृत छात्राओं के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपए और घायलों को 50-50 लाख रुपए की सहायता दी जाए।
'स्वयं' योजना के तहत लंबित डीबीटी (डीबीटी की राशि) का तत्काल वितरण हो।
आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उईके का इस्तीफा लिया जाए।
ईदगाह मैदान से शुरू होकर यह मार्च मुंबई नाका, विल्होली, वाडीवर्हे, घोटी, इगतपुरी, कसारा, शहापुर, भिवंडी, मुलुंड से होते हुए मुंबई स्थित राजभवन पहुंचेगा।