नासिक TCS कांड: प्लेयर और जीरो फिगर जैसे भद्दे कमेंट्स, हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी, पढ़ें रिपोर्ट
TCS Nashik Case Victim Statement: नासिक टीसीएस मामले में पीड़िता ने सुनाया रजा और आसिफ का खौफनाक सच। पल्लू खींचने, भद्दे कमेंट्स और हिंदू देवी-देवताओं के अपमान का लगाया आरोप।
- Written By: अनिल सिंह
TCS Nashik Case Victim Statement (फोटो क्रेडिट-X)
Nashik TCS Case: आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक यूनिट में सामने आए कथित धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न मामले ने अब एक बेहद गंभीर मोड़ ले लिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी समेत 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, जिनमें से 8 आरोपी अब तक गिरफ्तार किए गए हैं। इसी बीच, एक पीड़ित महिला कर्मचारी ने पुलिस को दिए अपने बयान में जो आपबीती सुनाई है, वह कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और धार्मिक कट्टरता के भयावह घालमेल को उजागर करती है।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि ऑफिस के भीतर उसे न केवल शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, बल्कि उसकी धार्मिक आस्था पर भी लगातार चोट की गई। पीड़िता के अनुसार, आरोपी अक्सर उससे हिंदू देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक और अपमानजनक सवाल पूछते थे। आरोपी पूछते थे, “क्या महादेव सच में भगवान हैं? क्या गणेश वाकई महादेव के बेटे हैं?” देवी पार्वती के चरित्र को लेकर भी भद्दी टिप्पणियां की जाती थीं, जिसका उद्देश्य महिला को मानसिक रूप से तोड़ना और उसे धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करना था।
‘प्लेयर’ निकनेम और ‘पल्लू’ खींचने की घटना
पीड़िता ने अपने बयान में मुख्य आरोपी रजा मेनन की भूमिका पर बड़ा खुलासा किया। उसने बताया कि रजा ने उसका निकनेम ‘प्लेयर’ रख दिया था और वह उसे काम के बहाने अपमानित करता था। पीड़िता ने दावा किया कि इसी साल मार्च में गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर जब वह पारंपरिक साड़ी पहनकर ऑफिस आई थी, तब रजा ने पैंट्री के सामने सरेआम उसका पल्लू खींच लिया। जब उसने विरोध किया, तो आरोपी उसे गंदी नजरों से देखकर मुस्कुराने लगा।
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ऑनलाइन और ऑफलाइन हैरेसमेंट
उत्पीड़न का सिलसिला यहीं नहीं थमा। पीड़िता ने एक अन्य कर्मचारी आसिफ अंसारी पर भी गंभीर आरोप लगाए। आसिफ जानबूझकर पीड़िता के पास आकर बैठता था और उसे अनुचित तरीके से छूने की कोशिश करता था। उसने पीड़िता के शरीर को लेकर ‘जीरो फिगर‘ जैसे भद्दे कमेंट्स भी किए। जब पीड़िता ने उसे इंस्टाग्राम पर ब्लॉक कर दिया, तो आरोपी ने उसे लिंक्डइन (LinkedIn) पर परेशान करना शुरू कर दिया। विरोध करने पर उसे करियर बर्बाद करने और काम पर बुरा नतीजा भुगतने की धमकियां दी गईं।
धर्म परिवर्तन का ‘गुप्त एजेंडा’?
TCS नासिक यूनिट से सामने आ रहे ये खुलासे केवल यौन उत्पीड़न तक सीमित नहीं हैं। पीड़ितों के बयानों से संकेत मिलते हैं कि कंपनी के भीतर एक संगठित तरीके से हिंदू महिला कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा था। आर्थिक तंगी और पारिवारिक मजबूरियों का फायदा उठाकर उन्हें इस्लाम की ओर धकेलने की कोशिशें की जा रही थीं। इस मामले ने कॉर्पोरेट जगत में इंटरनल कंप्लेंट कमेटी (ICC) और ‘पॉश’ (POSH) नियमों की प्रभावशीलता पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। नासिक पुलिस अब हर एंगल से इस ‘नेक्सस’ की जांच कर रही है।
