

Lenskart Style Guide Tilak Bindi Controversy: मुंबई के एक स्टोर में 'तिलक' लगाने को लेकर हुए हाई-वोल्टेज ड्रामे और सोशल मीडिया पर बढ़ते 'बॉयकॉट' के दबाव के बाद, दिग्गज आईवियर कंपनी लेंसकार्ट (Lenskart) आखिरकार बैकफुट पर आ गई है। कंपनी ने अपनी विवादित 'इन-स्टोर स्टाइल गाइड' में बड़ा बदलाव करते हुए एक नया वर्जन जारी किया है। इसमें अब बिंदी, तिलक, सिंदूर और कलावा जैसे हिंदू धार्मिक प्रतीकों को आधिकारिक रूप से शामिल कर लिया गया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह अपने कर्मचारियों की आस्था और सांस्कृतिक पहचान का पूरा सम्मान करती है।
विवाद तब शुरू हुआ था जब सोशल मीडिया पर लेंसकार्ट का एक पुराना ट्रेनिंग नोट वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर हिंदू धार्मिक प्रतीकों पर रोक लगाने की बात कही गई थी, जबकि हिजाब को अनुमति दी गई थी। इस 'दोहरे मापदंड' को लेकर कंपनी को तीखी आलोचना और विरोध का सामना करना पड़ा। स्थिति को बिगड़ता देख कंपनी ने पारदर्शिता बरतते हुए नई गाइडलाइंस सार्वजनिक की हैं, जिसमें बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी जैसे सभी प्रतीकों को कार्यस्थल पर पहनने की अनुमति दी गई है।
लेंसकार्ट ने अपने आधिकारिक 'X' (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर एक भावुक और पारदर्शी बयान जारी किया। कंपनी ने कहा, "हमने आपकी बात बिल्कुल साफ सुनी है। हमारे 2400 से ज्यादा स्टोर्स उन लोगों द्वारा चलाए जाते हैं जो हर दिन अपनी आस्था और परंपराएं साथ लेकर आते हैं। यह ऐसी कोई चीज नहीं है जिसे हम कभी भी किसी से दरवाजे के बाहर छोड़ने के लिए कहेंगे।" कंपनी ने यह भी स्वीकार किया कि भारत में भारतीयों के लिए बनी कंपनी होने के नाते विविधता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए लेंसकार्ट के फाउंडर और सीईओ पीयूष बंसल ने व्यक्तिगत रूप से मोर्चा संभाला। उन्होंने सफाई दी कि जो दस्तावेज वायरल हो रहा था, वह एक पुराना ट्रेनिंग नोट था और उसमें गलती से बिंदी/तिलक का जिक्र किया गया था। बंसल ने स्पष्ट किया कि यह कभी भी कंपनी की आधिकारिक एचआर (HR) पॉलिसी नहीं थी। उन्होंने कहा कि अगर कंपनी के किसी भी कम्युनिकेशन से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वे इसके लिए दिल से माफी मांगते हैं।
लेंसकार्ट ने अब अपनी नई गाइडलाइंस को पूरी तरह पारदर्शी बना दिया है ताकि भविष्य में किसी भी तरह की गलतफहमी की गुंजाइश न रहे। मुंबई में भाजपा नेता नाजिया इलाही खान द्वारा स्टोर में घुसकर कर्मचारियों को तिलक लगाने की घटना के बाद कंपनी ने महसूस किया कि नीतियों का स्पष्ट होना आवश्यक है। नई गाइडलाइंस के जरिए लेंसकार्ट ने संदेश दिया है कि वह समावेशी संस्कृति की पक्षधर है और अब किसी भी कर्मचारी को अपनी धार्मिक पहचान छिपाने की जरूरत नहीं होगी।