नासिक TCS कांड: WhatsApp ग्रुप से हिंदू लड़कियों को टारगेट; SIT जांच, निदा खान के 'कॉर्पोरेट जिहाद' का खुलासा

Nashik TCS Case: नासिक टीसीएस कांड में बड़ा खुलासा हुआ है। SIT जांच में पट चला है निदा खान और टीम लीड्स WhatsApp ग्रुप के जरिए हिंदू लड़कियों को टारगेट कर धर्म परिवर्तन का दबाव डालते थे।
Nida Khan Nashik IT Case
Nida Khan Nashik IT Case (फोटो क्रेडिट-X)
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Nida Khan Nashik IT Case Investigation: नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) की BPO यूनिट में सामने आए यौन शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन के मामले ने अब एक संगठित 'कॉर्पोरेट रैकेट' का रूप ले लिया है। विशेष जांच दल (SIT) की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि कंपनी की एचआर (HR) हेड निदा खान और कुछ टीम लीड्स मिलकर एक सुनियोजित तरीके से युवा हिंदू महिला कर्मचारियों को निशाना बना रहे थे।

यह मामला केवल कार्यस्थल पर उत्पीड़न तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें धार्मिक ब्रेनवॉशिंग और जबरन धर्मांतरण के गहरे तार जुड़े हुए हैं।

WhatsApp ग्रुप और टारगेट फिक्सिंग

जांचकर्ताओं को साक्ष्य मिले हैं कि आरोपियों ने कुछ गुप्त WhatsApp ग्रुप बना रखे थे। इन ग्रुप्स में जूनियर और कमज़ोर पृष्ठभूमि से आने वाले सहकर्मियों, विशेषकर युवा हिंदू महिलाओं की पहचान की जाती थी। SIT के अनुसार, इन महिलाओं को पहले प्रलोभन दिया जाता था या निजी प्रभाव का इस्तेमाल कर उनसे दोस्ती की जाती थी। इसके बाद उन पर मुस्लिम धर्म के आयोजनों में शामिल होने, नमाज़ पढ़ने और अंततः धर्म परिवर्तन करने के लिए मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया जाता था।

HR हेड निदा खान की संदिग्ध भूमिका

SIT जांच में सबसे गंभीर आरोप एचआर हेड निदा खान पर लगे हैं। पीड़ितों का दावा है कि जब उन्होंने सीनियर अधिकारियों और HR विभाग से उत्पीड़न की शिकायत की, तो निदा खान ने कोई कार्रवाई करने के बजाय उन शिकायतों को दबा दिया। आरोप है कि वह खुद इस साजिश का हिस्सा थी और आरोपियों को संरक्षण दे रही थी। पुलिस ने 10 अप्रैल 2026 को निदा का बयान दर्ज किया है और अब उसकी अन्य संलिप्तताओं की जांच की जा रही है।

नौकरी से निकालने की धमकी और उत्पीड़न

गिरफ्तार आरोपियों, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, तौसीफ अत्तार, रज़ा मेमन, आसिफ अंसारी और दानिश शेख पर आरोप है कि वे टीम लीड्स के रूप में अपने पद का दुरुपयोग करते थे। जो कर्मचारी उनकी धार्मिक मांगों को नहीं मानते थे, उन्हें खराब रेटिंग देने, परेशान करने या नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती थी। कई महिला कर्मचारियों ने अश्लील टिप्पणियों और शादी के झूठे वादे कर शारीरिक संबंध बनाने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं।

TCS और प्रशासन की कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए TCS ने आरोपी कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है और 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत जांच में सहयोग का वादा किया है। वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले को "अत्यंत गंभीर" बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। नासिक पुलिस ने पीड़ितों के लिए एक विशेष WhatsApp नंबर भी जारी किया है ताकि अधिक लोग अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।

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