नासिक TCS धर्मांतरण और उत्पीड़न मामला: 3 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज, निदा खान पर 6 जुलाई को सुनवाई
Nashik TCS Case: नासिक की बहुचर्चित TCS कंपनी में कथित जबरन धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न मामले में जिला अदालत ने तीन मुख्य आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। जानिए पूरा मामला।
- Written By: आकाश मसने
नासिक TCS धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न मामले में गिरफ्तार आरोपी (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nashik TCS Case Accused Bail Rejected: महाराष्ट्र के नासिक में स्थित बहुचर्चित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से जुड़े कथित जबरन धर्मांतरण और महिला कर्मचारियों के उत्पीड़न मामले में आरोपियों को बड़ा झटका लगा है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने इस गंभीर प्रकरण के तीन मुख्य आरोपियों रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी और अश्विनी चेनानी की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं।
निदा खान समेत 3 अन्य आरोपियों पर 6 जुलाई को सुनवाई
न्यायालय ने मामले की गंभीरता, पीड़ितों के बयानों और विशेष जांच दल (SIT) की जांच की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए आरोपियों को राहत देने से साफ इनकार कर दिया। वहीं, इस मामले के अन्य आरोपी निदा खान, दानिश शेख और तौसीफ अत्तार की जमानत याचिकाओं पर अब 6 जुलाई को सुनवाई होगी।
बॉम्बे हाईकोर्ट को करेंगे रुख
गौरतलब है कि इन तीनों आरोपियों की जमानत अर्जी इससे पहले भी निचली अदालत द्वारा खारिज की जा चुकी थी। वहीं, कोर्ट के इस फैसले के बाद बचाव पक्ष के वकीलों ने संकेत दिए हैं कि वे जल्द ही जमानत के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख करेंगे।
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क्या है नासिक TCS धर्मांतरण केस?
बता दें कि यह पूरा विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब नासिक स्थित टीसीएस कार्यालय में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने अपने सहकर्मी दानिश शेख के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दानिश शेख ने पहले से विवाहित होने के बावजूद शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
जांच आगे बढ़ने पर कई अन्य महिलाओं ने भी नासिक शाखा के वरिष्ठ कर्मचारियों पर उत्पीड़न के आरोप लगाए। महिलाओं का कहना है कि फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच उन्हें मानसिक और यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी शिकायतों को मानव संसाधन विभाग (HR) ने नजरअंदाज कर दिया।
SIT दाखिल कर चुकी है दो चार्जशीट
हाई-प्रोफाइल नासिक TCS जबरन धर्मांतरण मामले की जांच कर रही SIT अब तक अदालत में दो अलग-अलग चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
पहली चार्जशीट: देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले के आधार पर SIT ने 22 मई को 1,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें BNS के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) की धाराएं लगाई गई हैं। इस आरोप पत्र में दानिश एजाज शेख, तौसीफ बिलाल अत्तार, निदा एजाज खान और मतीन मजीद पटेल को आरोपी बनाया गया था।
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दूसरी चार्जशीट: SIT ने 29 मई को अदालत में दूसरा आरोपपत्र दायर किया था। यह चार्जशीट मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज 8 FIR के आधार पर दाखिल की गई। इस आरोपपत्र में रजा रफीक मेमन, शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी, अश्विनी अशोक चैनानी, तौसीफ बिलाल अत्तार, शफी भीखन शेख, दानिश एजाज शेख, निदा एजाज खान और अन्य शामिल हैं।
