नासिक सिंहस्थ कुंभ की ट्रैफिक समस्या का समाधान! 344 करोड़ से बनेगा समृद्धि महामार्ग इंटरचेंज, 4 पुल भी बनेंगे

Samruddhi Expressway Interchange Project: सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले नासिक की यातायात व्यवस्था मजबूत करने के लिए सिन्नर में 343.99 करोड़ रुपये की सड़क और समृद्धि महामार्ग इंटरचेंज परियोजना मंजूर।
Nashik Simhastha Kumbh Samruddhi Expressway Interchange Project
सिन्नर-भगूर रोड़(फोटो नवभारत)
Published on
Updated on

Nashik Simhastha Kumbh Road Project Approved: आगामी सिंहस्थ महाकुंभ मेले के दौरान नासिक जिले की परिवहन और यातायात व्यवस्था को अत्यधिक सक्षम और सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

सिन्नर तहसील में डुबेरे-सोनारी-सोनांबे-शिवडे-पांढुर्ली-विंचूर दलवी से भगूर मार्ग (किलोमीटर 13/600 से 22/900) तथा बोरखिंड में नागपुर-मुंबई 'समृद्धि महामार्ग' को जोड़ने वाले विशेष इंटरचेंज के निर्माण के लिए 343 करोड़ 99 लाख रुपये के अनुमानित खर्च को शासन द्वारा प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान देश-विदेश से नासिक और त्र्यंबकेश्वर की ओर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुलभ और त्वरित यात्रा की सुविधा प्रदान करने में यह मार्ग बेहद निर्णायक साबित होगा।

परियोजना में शामिल प्रमुख निर्माण कार्य

डुबेरे-सोनारी क्षेत्र से भगूर और सीधे समृद्धि महामार्ग तक सीधा संपर्क उपलब्ध होने से वाहनों की आवाजाही सुचारू होगी। इससे नासिक शहर के प्रमुख आंतरिक मार्गों पर यातायात का भारी दबाव कम होगा और कुंभ मेले के समग्र यातायात प्रबंधन को एक नया बल मिलेगा। मिट्टी का काम, मजबूतीकरण, डामरीकरण और कंक्रीट की पक्की सड़कों का निर्माण। 4

नए बड़े पुल, 4 छोटे पुल, एप्रोच रोड, 7 ट्रैफिक अंडरपास, 5 नए बॉक्स कलवर्ट और 2 नए पाइप कलवर्ट का निर्माण। सुरक्षा दीवारें, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, पेवर ब्लॉक, आधुनिक बस स्टॉप, यूटिलिटी लाइन्स का स्थानांतरण और भू-अधिग्रहण। आरसीसी व कच्चे गटर, मुरुम शोल्डर, सौंदर्याकरण तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े तमाम आधुनिक कार्य।

Nashik Simhastha Kumbh Samruddhi Expressway Interchange Project
नासिक के डिपो में धुल फांक रही PM ई-बसें; CM फडणवीस ने किया था इनोग्रेशन, चार्जिंग स्टेशन का काम अधुरा

शासन के कड़े निर्देश और टेंडर प्रक्रिया

शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस कार्य को अंतिम तकनीकी मंजूरी देने से पहले सभी आवश्यक वन एवं पर्यावरण संबंधी स्वीकृतियां, भूमि अधिग्रहण और सक्षम प्राधिकारियों की अनुमति अनिवार्य रूप से ली जाए।

साथ ही, पूरा कार्य स्वीकृत निधि की सीमा के भीतर ही समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सिंहस्थ कुंभ मेले की अनिवार्यता को ध्यान में रखते हुए परियोजना की टेंडर प्रक्रिया से जुड़ी सभी औपचारिकताएं तुरंत और प्राथमिकता के आधार पर शुरू करने के आदेश जारी किए गए हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com