नासिक सिंहस्थ कुंभ के लिए 1,800 करोड़ मंजूर, फर्जी कामों के खुलासे के बाद खर्च के नियम कड़े

Nashik Trimbakeshwar Simhastha Kumbh की तैयारियों के लिए राज्य सरकार ने 1,800 करोड़ मंजूर किए हैं। कथित 305 करोड़ के फर्जी कामों के बाद राशि खर्च करने के नियम कड़े किए गए।
Nashik Trimbakeshwar Simhastha Kumbh 1800 Crore Fund
नासिक सिंहस्थ कुंभ(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Simhastha Kumbh 1800 Crore Fund: आगामी नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के लिए महाराष्ट्र सरकार ने 1,800 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। हाल ही में कुंभ मेले से जुड़े कथित 305 करोड़ रुपये के फर्जी कामों के घोटाले का खुलासा होने के बाद सरकार ने धनराशि के इस्तेमाल को लेकर कड़े नियम तय किए हैं।

मंजूर कार्यों पर ही खर्च होगी राशि

शहरी विकास विभाग की ओर से जारी शासनादेश में मंजूर 1,800 करोड़ रुपये की राशि के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत निधि का उपयोग केवल सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए स्वीकृत उद्देश्यों और निर्धारित कार्यों पर ही किया जा सकेगा। किसी भी अन्य काम के लिए इस राशि का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

शासनादेश में संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है कि किसी कार्य पर निधि खर्च करने से पहले उसके लिए आवश्यक सभी प्रशासनिक और तकनीकी मंजूरियां प्राप्त करना अनिवार्य होगा। मंजूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संबंधित कार्य के लिए राशि जारी या खर्च की जा सकेगी।

पहले भी जारी हो चुकी रकम

यह 1,800 करोड़ रुपये की राशि विधानसभा के मानसून सत्र में मंजूर 3,000 करोड़ रुपये की अनुपूरक मांग में शामिल है। इससे पहले कुंभ से जुड़े कार्यों के लिए अलग-अलग चरणों में 283 करोड़, 717 करोड़, 501.40 करोड़, 396.60 करोड़ और 1,200 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।

Nashik Trimbakeshwar Simhastha Kumbh 1800 Crore Fund
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प्राधिकरण, आयुक्त की जिम्मेदारी

सरकार ने सिंहस्थ कुंभ के लिए मंजूर धनराशि के निर्धारित नियमों और स्वीकृत उद्देश्यों के अनुसार इस्तेमाल की निगरानी की जिम्मेदारी नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण और संभागीय आयुक्त को सौंपी है।

दोनों अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि निधि का उपयोग केवल मंजूर कार्यों पर ही किया जाए। किसी अन्य उद्देश्य के लिए राशि खर्च न हो, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर निगरानी रखी जाएगी। संबंधित कार्यों की प्रगति और निधि के इस्तेमाल की समीक्षा भी की जाएगी।

शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि सिंहस्थ कुंभ के लिए मंजूर राशि का इस्तेमाल केवल स्वीकृत कार्यों और निर्धारित उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा। निधि को किसी अन्य काम में खर्च करने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन होने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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