रेलवे का ‘सुपर प्लान’, नासिक के मनमाड में तैनात हुआ पटरियों पर दौड़ता ‘हाई-टेक अस्पताल’
Emergency Train: नासिक सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले मध्य रेलवे के भुसावल विभाग को अत्याधुनिक स्वयंचलित दुर्घटना राहत ट्रेन मिली है। यह ट्रेन किसी भी आपात स्थिति में मनमाड से तुरंत रवाना होगी।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Hi-Tech Accident Relief Train: आगामी नासिक सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने अपनी सुरक्षा और आपदा प्रबंधन प्रणाली को ‘नेक्स्ट लेवल’ पर पहुंचा दिया है। मध्य रेलवे के भुसावल विभाग ने एक ऐसी अत्याधुनिक स्वयंचलित दुर्घटना राहत गाड़ी (SPART) को अपने बेड़े में शामिल किया है, जो किसी भी आपात स्थिति में पलक झपकते ही मदद पहुँचाने में सक्षम है।
मनमाड जंक्शन पर ‘हाई-टेक’ गार्ड तैनात भुसावल मंडल रेल प्रबंधक (DRM) पुनीत अग्रवाल के मार्गदर्शन में इस विशेष ट्रेन को रणनीतिक रूप से मनमाड स्टेशन की डबल आउटर लाइन पर तैनात किया गया है। मनमाड एक प्रमुख रेलवे जंक्शन है, जहां से उत्तर, दक्षिण और पश्चिम की ओर जाने वाली रेल लाइनों का जाल बिछा है। यहां तैनाती का मतलब है कि कुंभ मेले के दौरान किसी भी रूट पर दुर्घटना होने पर यह ट्रेन न्यूनतम समय में मौके पर पहुंच सकेगी।
पटरी पर दौड़ता हुआ ‘मिनी अस्पताल’
यह ट्रेन केवल बचाव उपकरण नहीं ढोती, बल्कि इसके भीतर एक पूर्ण कार्यात्मक ऑपरेशन थिएटर (शस्त्रक्रिया कक्ष) बनाया गया है।
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तत्काल इलाज: दुर्घटनास्थल पर ही घायलों की सर्जरी और प्राथमिक उपचार संभव होगा।
जीवन रक्षक उपकरण: ट्रेन में वेंटिलेटर, ऑक्सीजन और आपातकालीन दवाइयों का स्टॉक मौजूद है।
आधुनिक कटिंग तकनीक: मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए इसमें ‘प्लाज्मा कटिंग’ और ‘एक्सोथर्मिक कटिंग’ जैसे हाई-टेक टूल्स दिए गए हैं, जो लोहे की मोटी चादरों को सेकंडों में काट सकते हैं।
भारी मलबे को हटाने की ताकत
आपदा के समय सबसे बड़ी चुनौती भारी कोच और मलबे को हटाना होता है। इसके लिए इस ट्रेन में हाई-कैपेसिटी हाइड्रोलिक रेस्क्यू डिवाइसेस लगाए गए हैं। साथ ही, अगर दुर्घटना रात के समय होती है, तो इसके लिए ट्रेन में विशेष ‘हाई-इंटेंसिटी लाइट टावर्स’ दिए गए हैं, जो पूरे इलाके को दिन की तरह रोशन कर सकते हैं।
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कम होगा ‘रिस्पॉन्स टाइम’, बचेगी जान
इस स्वयंचलित गाड़ी की सबसे बड़ी खासियत इसकी रफ्तार और स्वायत्तता है। इसे अलग से इंजन जोड़ने की जरूरत नहीं होती, जिससे यह सूचना मिलते ही तुरंत रवाना हो सकती है। रेलवे का लक्ष्य ‘गोल्डन आवर’ (दुर्घटना के बाद का पहला घंटा) में घायलों को इलाज मुहैया कराना है। इससे न केवल जान-माल का नुकसान कम होगा, बल्कि बाधित रेल यातायात को भी रिकॉर्ड समय में फिर से बहाल किया जा सकेगा।
सिंहस्थ कुंभ के लिए सुरक्षा कवच नासिक कुंभ मेले में देश-दुनिया से करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। ऐसे में रेल पटरियों पर सुरक्षा और त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के लिए यह ‘डिजास्टर मैनेजमेंट’ ट्रेन एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी। मनमाड में इसकी मौजूदगी भुसावल मंडल के पूरे रेल नेटवर्क के लिए एक बड़ा भरोसा बनकर उभरी है।
