अब बचना मुश्किल: नासिक में ट्रैफिक पर हाईटेक पहरा, रडार इंटरसेप्टर गाड़ियां सड़कों पर
Nashik Smart Traffic: नासिक में आरटीओ की रडार इंटरसेप्टर गाड़ियां 100 मीटर में ट्रैफिक उल्लंघन रिकॉर्ड करेंगी। ओवरस्पीडिंग, हेलमेट, सीट बेल्ट और गलत दिशा में चलने वालों पर तुरंत ई-चालान होगा।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Radar System E-challan: नासिक सड़क पर गाड़ी चलाते समय ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और बेलगाम ट्रैफिक पर नकेल कसने के लिए, अब आरटीओ के बेड़े में अत्याधुनिक रडार टेक्नोलॉजी से लैस इंटरसेप्टर गाड़ियां शामिल हो गई हैं।
इसमें लगा रडार सिस्टम एक साथ 100 मीटर के एरिया में गाड़ियों की स्पीड, लेन बदलने, ओवरस्पीडिंग और संदिग्ध हरकतों को रिकॉर्ड करेगा। साथ ही, ई-चालान, नंबर प्लेट पहचान, संदिग्ध गाड़ियों की मॉनिटरिंग और चोरी और गैर-कानूनी गाड़ियों को पकड़ना
आसान होगा।
इसके अलावा, अगर कोई एक्सीडेंट होता है, तो तुरंत मौके पर मदद पहुंचाई जाएगी। नियम का पालन करना होगा जरूरी जब आरटीओ टीम सड़क पर गाड़ियों की जांच कर रही होगी, तो आरटीओ गाड़ी पर लगा रडार का नया सिस्टम ट्रैफिक नियमों का पालन न करने वाली गाड़ियों की नंबर प्लेट और स्पीड को सही-सही मापेगा, इसलिए अगर ड्राइवर गाड़ी चलाते समय ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं, तो कुछ ही सेकंड में संबंधित ड्राइवर के नाम पर ई-चालान फट जाएगा।
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टू-व्हीलर मालिकों को गाड़ी चलाते समय हेलमेट पहनना जरूरी है। फोर व्हीलर ड्राइवरों के लिए भी सीट बेल्ट लगाना जरूरी है। सिस्टम लागू होने के बाद, बिना हेलमेट, सीट बेल्ट और सड़क की उल्टी दिशा में गाड़ी चलाने वालों को कैमरे में कैद किया जाएगा।
सड़क पर गाड़ी चलाते समय, सभी ड्राइवरों को तय स्पीड लिमिट में ही गाडी चलानी चाहिए, बहुत तेज गाड़ी न चलाएं और सड़या की हालत को नजरअंदाज न करें। ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर रोक लगाकर सजा से बचे। गाड़ी चलाते समय, अपनी और दूसरों की जान को खतरे में डाले बिना सुरक्षित गाड़ी चलाएं।
– प्रादेशिक परिवहन अधिकारी, प्रदीप शिंदे
आधुनिक तकनीक की ली जा रही है मदद
इंटरसेप्टर गाड़ी पर लगी लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से बने सिस्टम से पहले यह जानकारी मिलती थी कि गाड़ी सड़क पर कितनी तेज चल रही है और उसी के हिसाब से कार्रवाई की जाती थी। हालांकि, अब इंटरसेप्टर गाड़ी पर रडार सिस्टम लागू होने के बाद, गाड़ी की स्पीड को सही-सही मापा जा सकेगा।
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न्यूनतम टेक्नोलॉजी से बने रडार सिस्टम से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाली गाड़ियों के बारे में सही जानकारी इकट्ठा करने में मदद मिलेगी।
क्योंकि आवा किमी दूर तक की गाड़िया भी रहार की रेंज में आएगी, इसलिए इंटरसेप्टर गाड़ी पर लगा रडार, एडवांस्ड कैमरे की मदद से आधा किमी तक आने-जाने वाली सभी गाड़ियों को चेक कर सकेगा।
