

Nashik Civic Negligence: एक तरफ जहां पूरा नासिकशहर गणेशोत्सव के उत्सव में डूबा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ पिछले 48 घंटों में शहर की बदहाल सड़कों ने 5 हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। रविवार 13 और सोमवार 14 सितंबर को हुए भीषण हादसों में औसतन हर 9 घंटे 36 मिनट में एक युवा की जान चली गई। जान गंवाने वाले सभी 5 मृतक 30 से 42 वर्ष की आयु के अपने घरों के कमाने वाले मुखिया थे।
नगर निगम, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और ठेकेदारों के लचर प्रबंधन के कारण नासिक की सड़कें 'मौत के जाल' में तब्दील हो चुकी हैं। गणेशोत्सव की पूर्व संध्या पर शहर के विभिन्न हिस्सों में दर्दनाक हादसे हुए। कृषि नगर जॉगिंग ट्रैक के पास बिना किसी सुरक्षा उपाय के सड़क पर रखे लोहे के पाइप से टकराकर सिद्धार्थ गोरे (33) की मौत हो गई।
घोटी के पास खंबाले इलाके में निर्माणाधीन पुल के लिए खोदे गए 15 से 20 फीट गहरे खुले गड्ढे में गिरने से अमोल काले (37) की मौके पर ही मौत हो गई। इसी अवधि में मुंबई नाका क्षेत्र में कीचड़ और तेज रफ्तार आयशर की टक्कर से किरण नरोड़े (33) की जान चली गई। दिंडोरी रोड पर एसटी बस की चपेट में आने से संतोष गांगुर्डे (30) और तारवाला नगर सिग्नल के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से कैलाश रोकड़े (42) की मौत हो गई।
त्योहार के समय घर का कमाने वाला सदस्य खोने से इन परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। नासिक के नागरिकों ने नगर निगम के सड़क विकास विभाग और ठेकेदारों के खिलाफ सदोष मनुष्यवध (गैर-इरादतन हत्या) का मामला दर्ज करने की मांग करते हुए कड़ा आक्रोश जताया है।