Wardha: निर्माणाधीन पुल का काम अटका, काम शुरू करवाने के लिए विधायक से लगाई गुहार

Wardha Latest News: वर्धा जिले के कारंजा तहसील के अंतर्गत आने वाले खैरी से सेलगांव (लवणे) मार्ग पर कार नदी पर बनाए जा रहे पुल का काम पिछले सात महीनों से अधर में लटका हुआ है।
Wardha Latest News: वर्धा जिले के कारंजा तहसील के अंतर्गत आने वाले खैरी से सेलगांव (लवणे) मार्ग पर कार नदी पर बनाए जा रहे पुल का काम पिछले सात महीनों से अधर में लटका हुआ है।
निर्माणाधीन पुल (सौजन्य-नवभारत)
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Wardha News: जिले के कारंजा तहसील के अंतर्गत आने वाले खैरी से सेलगांव (लवणे) मार्ग पर कार नदी पर बनाए जा रहे पुल का काम पिछले सात महीनों से अधर में लटका हुआ है। इस पुल का निर्माण कार्य दो वर्ष पहले लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से शुरू किया गया था, लेकिन अभी तक यह अधूरा है। काम रुक जाने के कारण न सिर्फ स्थानीय नागरिकों को भारी असुविधा हो रही है, बल्कि किसानों को भी खेतों तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है।

पुल निर्माण के चलते नागरिकों के लिए जो अस्थायी बायपास मार्ग बनाया गया था, वह भी हाल ही में आई बाढ़ में बह गया है। इससे सेलगांव, खैरी धरण, बिहाडी, मदणी, परसोडी और काकड़ा जैसे गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। नदी का पाट चौड़ा होने और बहाव तेज होने के कारण ग्रामीणों के लिए नदी पार करना असंभव हो गया है।

समय और पैसों का नुकसान

पुल अधूरा होने की वजह से किसानों को अपनी जमीनों तक पहुंचने के लिए 15 से 20 किलोमीटर का लंबा फेरा लगाना पड़ रहा है। इससे उन्हें समय और पैसों दोनों का नुकसान झेलना पड़ रहा है। साथ ही, निर्माण स्थल पर कोई सुरक्षा उपाय भी नहीं किए गए हैं, जिससे किसी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।

इस पुल के रास्ते से काटोल की बाजार तक सीधा संपर्क होता था, जो कि क्षेत्र के किसानों के लिए सब्जी और फल बेचने की एक प्रमुख बाजार है। पुल का कार्य ठप पड़ने से यह संपर्क टूट गया है और किसानों को अब अन्य दूरस्थ बाजारों में जाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

विधायक वानखड़े को सौंपा ज्ञापन

परेशान ग्रामीणों और किसानों ने इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र के विधायक सुमीत वानखडे की भेंट लेकर पुल का काम तुरंत शुरू करवाने की मांग की। ग्रामीणों ने उन्हें ज्ञापन सौंपते हुए निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू करने की गुहार लगाई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर समय रहते पुल निर्माण पूरा नहीं हुआ, तो न केवल आर्थिक बल्कि जनहानि की भी आशंका है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस दिशा में कितनी जल्दी कदम उठाते हैं।

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