प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Republic Day Parade Maharashtra: नासिक देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सोमवार 26 जनवरी को सुबह 8:50 बजे से पुलिस कवायत मैदान, नासिक में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। इस अवसर पर राज्य के जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन के हस्ते ध्वजारोहण का मुख्य शासकीय समारोह संपन्न होगा।
साथ ही भारतीय सशख बलों की ओर से पूरे दिन सैन्य उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, नागरिकों से इस समारोह में सहभागी होने की अपील जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने की है।
इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), महाराष्ट्र पुलिस अकादमी के पुलिस उपनिरीक्षक, वनरक्षक, नागरी संरक्षण दल तथा भोसला मिलिटरी स्कूल का अश्वदल पथक भाग लेगा। इनमें से कुछ दल पहली बार इस परेड में शामिल हो रहे हैं, जो समारोह का विशेष आकर्षण होंगे।
इसके अतिरिक्त समारोह में पुणे स्थित राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) तथा भारतीय सेना के आर्टिलरी स्कूल की ओर से आपदा प्रबंधन और सुरक्षा संबंधी अत्याधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें आर्टिलरी स्कूल द्वारा ड्रोन युद्धकौशल का प्रदर्शन तथा आगामी सिंहस्थ कुंभमेले की पृष्ठभूमि में नासिक शहर पुलिस के कमांडो दल द्वारा आतंकवाद विरोधी कार्रवाई का प्रदर्शन भी प्रस्तुत किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान तीन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी और प्रतिभाशाली व्यक्तियों का मान्यवरों के हस्ते सम्मान किया जाएगा। साथ ही हाल ही में आयोजित एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान आपदा राहत हेतु एकत्रित निधि में से सशस्त्र सेना ध्वज दिवस निधि के अंतर्गत जिला प्रशासन की ओर से सैनिक कल्याण कार्यालय को धनादेश प्रदान किया जाएगा।
यह पूरा समारोह नागरिकों के लिए खुला रहेगा। प्रदर्शनी में भारतीय सेना के विभिन्न सैन्य शस्त्र, तोपें, रॉकेट प्रणाली, रडार प्रणाली, ड्रोन तथा अन्य आधुनिक उपकरण नागरिकों के अवलोकन हेतु पूरे दिन उपलब्ध रहेंगे।
भारत के 77वें गणतंत्र दिवस की परेड में इस बार भारतीय सेना की आर्टिलरी स्कूल की टुकड़ी द्वारा घातक आयुध प्रणालियों और एक विशेष ड्रोन शो का प्रदर्शन किया जा रहा है।
इस प्रदर्शनी में भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट के शस्त्रागार से विभिन्न तोप प्रणालियों और लॉन्चरों को शामिल किया गया है। इन तीपी में विभिन्न कैलिबर की मारक क्षमता है, जिसमें हल्के मोर्टार से लेकर फील्ड गन और बड़े कैलिबर की मीडियम गन तक शामिल है।
दर्शक इन हथियारों को करीब से देख सकेंगे, जहां इनके तकनीकी विवरण और विशेषताओं की विस्तृत जानकारी प्रदर्शित की गई है। हाल ही में संपन्न हुए ‘ऑपरेशन सिंधूर’ के दौरान ड्रोनों के व्यापक और प्रभावी उपयोग ने भारतीय सैन्य रणनीति में एक नया अध्याय जोड़ा है।
दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमले करने के लिए इन दोनों का सफलतापूर्वक उपयोग किया गया था।
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आग की आधुनिक युद्ध प्रणाली में निगरानी, टोही और लक्ष्य निर्धारण के लिए ड्रोन भारतीय सेना का एका अनिवार्य हिस्सा बन चुके हैं।
परेड के दौरान 8 सर्विलांस ड्रोन एक साथ समन्वित रूप से उड़ान भरते हुए अपना कौशल दिखाएंगे।
इसी के साथ, एक फरर्ट पर्सन व्यू ड्रोन भी विभिन्न करतबों का प्रदर्शन करेगा। यह ड्रोन 250 किलोमीटर प्रति घंटे उड़ने में सक्षम है और मुख्य रूप से सुसाइड ड्रोन के रूप में उपयोग किया जाता है।