रामकाल पथ के लिए 40 पेड़ों पर चलेगी कुल्हाड़ी, कुंभ मेले के मद्देनज़र विकास कार्यों का खाका तैयार

Tree Cutting Controversy: नाशिक में कुंभ मेले की तैयारी के तहत रामकाल पथ परियोजना के लिए 40 पेड़ों की कटाई प्रस्तावित है, जिस पर वृक्ष प्रेमियों का विरोध तेज हो गया है।
Kumbh Mela development
Tree Cutting Controversy:नाशिक में कुंभ मेले (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Nashik Ramkal Path: तपोवन में वृक्षों की कटाई को लेकर चल रहे तीव्र विरोध के बीच अब नासिक महानगरपालिका ने गंगाघाट क्षेत्र में प्रस्तावित ‘रामकाल पथ’ के निर्माण के लिए 40 पेड़ों की कटाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में मनपा ने हाल ही में एक सार्वजनिक विज्ञापन जारी कर नागरिकों से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए हैं।

सिंहस्थ कुंभ मेले के मद्देनज़र नगर निगम शहर में विभिन्न विकास परियोजनाओं को अमल में ला रहा है। इसी कड़ी में रामकुंड क्षेत्र में भव्य ‘रामकाल पथ’ के निर्माण की योजना बनाई गई है।

नासिक के सौंदर्य में वृद्धि होगी

नगर निगम का दावा है कि यह पथ भगवान राम और माता सीता के वनवास से जुड़े स्थलों को आपस में जोड़ेगा। इस मार्ग पर रामायण से जुड़े प्रसंगों की कलात्मक झांकियां, सुसज्जित फुटपाथ और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे नासिक के सौंदर्य में वृद्धि होगी।

वृक्ष प्रेमियों के विरोध के बीच नगर निगम ने मांगी आपत्तियां

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने 100 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। प्रस्तावित योजना के अनुसार अहिल्यादेवी होलकर पुल, श्रीरामकुंड परिसर और सीता गुफा मार्ग में बाधा बन रहे विभिन्न प्रजातियों के 40 पेड़ों को काटकर अन्यत्र पुनर्रोपित करने का निर्णय लिया गया है।

राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमाने की संभावना

गौरतलब है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने शहर में पेड़ों की कटाई पर स्थगन आदेश दे रखा है। इसके बावजूद हाल ही में नयनतारा सिटी फॉरेस्ट के सामने 40 पेड़ों की कटाई शुरू की गई थी, जिसे भारी जनविरोध के बाद रोकना पड़ा। अब ‘रामकाल पथ’ के नाम पर प्रस्तावित नई वृक्षकटाई से एक बार फिर शहर का राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमाने की संभावना जताई जा रही है।

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