नासिक-पुणे रेलवे के लिए आर-पार की लड़ाई! 9 अगस्त ‘क्रांति दिवस’ पर सड़कों पर उतरेंगे विधायक सत्यजीत तांबे
Nashik Pune Railway: नासिक-पुणे रेलवे परियोजना में देरी के विरोध में विधायक सत्यजीत तांबे ने 9 अगस्त 'क्रांति दिवस' पर जन आंदोलन का ऐलान किया है। उन्होंने नागरिकों से सड़क पर उतरने की अपील की।
- Written By: अंकिता पटेल
नासिक-पुणे रेलवे, सत्यजीत तांबे, (साेर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
Nashik Pune Railway Satyajeet Tambe: नासिक-पुणे रेलवे मार्ग को लेकर लंबित पड़ी परियोजना और उसमें आ रही बाधाओं के विरोध में विधायक सत्यजीत तांबे ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। तांबे ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अब केवल ज्ञापन देने का समय नहीं रहा, बल्कि नासिक की प्रगति के लिए नागरिकों को सड़कों पर उतरकर जन आंदोलन खड़ा करना होगा। इस मुद्दे पर उन्होंने आगामी 9 अगस्त को ‘क्रांति दिवस’ के अवसर पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है।
रेल परियोजना में ‘राजनीतिक बू’ और उदासीनता
पत्रकार वार्ता के दौरान विधायक तांबे ने परियोजना में हो रही देरी और प्रस्तावित बदलावों पर तीखे सवाल उठाए- परियोजना को मूल मार्ग के बजाय शिरडी की ओर मोड़ने की योजना पर तांबे ने कटाक्ष करते हुए कहा कि इसमें गहरी ‘राजनीतिक बू’ आ रही है। उन्होंने इसे ‘पुणे से पुनतांबा’ तक का मार्ग बनाने की कोशिश करार दिया।
नासिक-पुणे के बीच 150 किलोमीटर की दूरी तय करने में भारी ट्रैफिक के कारण 7-7 घंटे का समय लग रहा है। चाकन रोड बंद होने से नासिक वासियों को शारीरिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इतने महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के प्रति सरकार की उदासीनता स्पष्ट रूप से दिख रही है, जिससे विकास की गति थम गई है।
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समृद्धि महामार्ग और ‘दोहरा टोल’ का दंश विधायक तांबे ने समृद्धि महामार्ग के कनेक्टर काम में हो रही देरी पर भी सरकार को घेरा- नासिक से साकुर फाटा तक के कनेक्टर का टेंडर अभी तक जारी नहीं हुआ है, जबकि 500 करोड़ रुपये का भूमि अधिग्रहण और फंड की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। नागरिकों को पहले मुंबई-आगरा हाईवे का टोल और फिर समृद्धि महामार्ग का टोल देना पड़ रहा है। यह ‘दोहरा टोल’ नासिक की जनता पर सीधा आर्थिक प्रहार है।
9 अगस्त को ‘रास्ता रोको’ की चेतावनी
विधायक सत्यजीत तांबे ने कहा कि नासिक की लोकशक्ति ही इस परियोजना को पटरी पर ला सकती है। उन्होंने इंडियाबुल्स प्रोजेक्ट के उदाहरण का उल्लेख करते हुए बताया कि जब तक कड़ा रुख नहीं अपनाया गया, काम में गति नहीं आई।
उसी तर्ज पर अब 9 अगस्त को ‘क्रांति दिवस’ पर विभिन्न स्थानों पर ‘रास्ता रोको’ जैसे प्रदर्शन कर सरकार को जगाया जाएगा। उन्होंने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर नासिक के सभी नागरिकों से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।
परियोजना के सामने चुनौतियां
मार्ग का डायवर्जनः सीधे रूट के बजाय शिरडी रूट पर ले जाने का विवाद। समृद्धि महामार्ग से नासिक का अधूरा जुड़ाव, प्रोजेक्ट को हकीकत में बदलने के लिए फंड और टेंडरिंग में देरी।
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आंदोलन की मुख्य मांगें
- सीधा रेल मार्ग शिरडी डायवर्जन की योजना को तुरंत रद्द कर मूल मार्ग पर काम हो।
- नासिक-साकुर फाटा कनेक्टर के टेंडर जल्द जारी किए जाएं। नागरिकों पर पड़ रहे दोहरे टोल के बोझ को समाप्त किया जाए।
