आखिर नींद से जागी सरकार, गड्ढों से मौत पर ठेकेदारों पर होगा केस दर्ज, नासिक महापौर ने दिए कड़े निर्देश

Nashik Road Pothole Deaths: नासिक में सड़कों के गड्ढों के कारण हुई मौतों पर कड़ा रुख अपनाते हुए महापौर आडके ने मुख्य और सब-ठेकेदारों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने का आदेश दिया है।
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नासिक खड्डे मौत मामला (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Contractor Culpable Homicide Case Nashik: नासिक शहर में सड़कों के गड्ढों के कारण अब तक 12 लोगों की जान जा चुकी है और 100 से अधिक नागरिक घायल हुए हैं। महासभा में इस मुद्दे पर पार्षदों के भारी हंगामे के बाद महापौर हिमगौरी आडके ने कड़ा रुख अपनाया है। महापौर ने गड्ढों और हादसों के लिए जिम्मेदार मुख्य ठेकेदारों तथा सब-ठेकेदारों के खिलाफ धारा 105 के तहत गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने का ऐतिहासिक आदेश दिया।

नासिक रोड के विभागीय अधिकारी का तत्काल तबादला

हाल ही में एमबीए छात्र सिद्धार्थ गोरे की गड्ढों के कारण हुई मौत का मुद्दा जोर-शोर से उठा। महापौर ने मृतक की पत्नी मानसी गोरे को मानदेय पर नौकरी देने तथा बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च संबंधित ठेकेदार से वसूलने के निर्देश दिए। इसके अलावा, नासिक रोड की विभागीय अधिकारी प्रज्ञा त्रिभुवन का तत्काल तबादला कर उन्हें मूल सेवा में वापस भेजने का आदेश दिया।

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नासिक गड्डे मौत मामला(सोर्सः सोशल मीडिया)

फर्जी रसीद और मंडप अनुमति में भ्रष्टाचार

सभागृह में पार्षदों ने फर्जी रसीद बुक के जरिए अवैध वसूली और 50 मंडपों की अनुमति पर 85 स्टॉल लगाकर करीब 9.50 लाख रुपए के भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। इन मामलों में शामिल संबंधित कर्मचारियों की जांच के आदेश दिए गए हैं।

महापौर और शिवसेना गुट नेता में तीखी बहस

समीक्षा के दौरान शिवसेना (उबाठा) के गुट नेता केशव पोरजे ने गड्ढों पर पहले बोलने की मांग की। महापौर द्वारा मना किए जाने और रोकने के बावजूद हंगामा जारी रहने पर दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

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होर्डिंग घोटाले और पानी की किल्लत पर हंगामा

मनपा की महासभा शुरू होने से पहले ही मनपा मुख्यालय परिसर में 'होर्डिंग घोटाले' के आरोपों को लेकर जमकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन हुआ। हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि होर्डिंग व्यवस्था में बड़े पैमाने पर अनियमितता हुई है, जिससे स्थानीय निवासियों के अधिकारों का हनन हो रहा है और ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाया जा रहा है। परिसर में तैनात पुलिस बल ने आंदोलकारियों को रोकने का प्रयास किया।

पानी के मुद्दे पर मटका लेकर पहुंचे पार्षद

दूसरी ओर, सिडको क्षेत्र के प्रभाग क्रमांक 27, 28 और 29 में जारी पेयजल संकट को लेकर सत्ताधारी पक्ष के पार्षदों ने ही अपनी सरकार के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया। पार्षद प्रतिभा पवार, छाया देवांग, भूषण राणे और शरद फडोळ खाली मटका और पानी की बोतलें लेकर सभागृह की ओर बढ़े। सुरक्षाकर्मियों द्वारा मटका ले जाने से रोकने पर पार्षदों और सुरक्षा बल के बीच तीखी बहस हुई। पार्षदों ने "हम सत्ताधारी हैं, किसी को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे" का रुख अपनाते हुए सभागृह में प्रवेश किया और नियमित जलापूर्ति की मांग की।