

Nashik Tender Jain Construction Low Bid: नासिक मनपा के सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा सीवरेज लाइन बिछाने और अन्य संबंधित कार्यों के लिए जारी ई-निविदाओं में एक ही ठेकेदार की बड़े पैमाने पर भागीदारी सामने आई है।
कुल 39 कार्यों के लिए जारी निविदाओं में से 14 कार्यों के लिए जैन कन्स्ट्रक्शन नामक एक ही ठेकेदार ने टेंडर भरे हैं। इनमें कुछ कार्यों के लिए अनुमानित दर से करीब 38 प्रतिशत तक कम दर की बोली लगाई गई है। एक ही ठेकेदार द्वारा बड़ी संख्या में निविदाएं भरने और इतनी कम दर पर काम करने की पेशकश से निविदा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।
महत्वपूर्ण बात यह है कि संबंधित ठेकेदार को अभी सभी कार्यों के कार्यादेश जारी नहीं किए गए हैं। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में निविदाएं भरना और अनुमानित दर से 37 से 38 प्रतिशत तक कम दर पर काम करने की तैयारी दिखाने से प्रशासन के सामने भी कई सवाल खड़े हुए हैं।
महानगरपालिका ने संबंधित ठेकेदार से इतनी कम दर पर निविदा भरने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं नगरसेवकों ने इस मुद्दे को महासभा में उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। इससे महासभा में इस विषय पर जोरदार बहस होने की संभावना है।
मनपा के सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा जारी ई-टेंडर में सातपुर, नासिक पूर्व, नासिक पश्चिम, पंचवटी, नवीन नासिक और नासिकरोड क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर सीवरेज लाइन बिछाने, पुरानी सीवरेज लाइन बदलने, चेंबर की मरम्मत तथा अन्य संबंधित कार्य शामिल हैं।निविदा तहसील के अनुसार, शुरुआती कई कार्यों के लिए जैन कन्स्ट्रक्शन ने निविदाएं भरी हैं।
कुछ कार्यों के लिए अनुमानित दर से करीब 38 प्रतिशत कम दर की बोली लगाई गई है। इसके बाद की निविदाओं में भी इसी ठेकेदार द्वारा 37 से 38 प्रतिशत तक कम दर दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। इससे एक ही ठेकेदार की इतनी बड़ी संख्या में भागीदारी के कारण निविदा प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा का मुद्दा भी सामने आया है।
कम दर पर निविदा भरना अपने आप में नियमों के विरुद्ध नहीं है। लेकिन एक ही ठेकेदार द्वारा बड़ी संख्या में कार्यों के लिए अत्यंत कम दर की बोली लगाए जाने के कारण उसकी आर्थिक क्षमता, तकनीकी पात्रता, उपलब्ध मनुष्यबल, मशीनरी तथा एक साथ इतने कार्य पूरे करने की क्षमता की प्रशासन द्वारा गहन जांच करना आवश्यक है।
नगरसेवकों का कहना है कि अत्यंत कम दर पर काम दिए जाने के बाद भविष्य में कार्य की गुणवत्ता प्रभावित न हो, इसकी भी प्रशासन को पूरी तरह से जांच करनी चाहिए।
आगामी महासभा में इस मुद्दे को उठाकर संबंधित निविदाओं की पूरी जानकारी, ठेकेदार द्वारा भरे गए टेंडरों की संख्या, प्रत्येक कार्य में लगाई गई बोली, तकनीकी पात्रता, आर्थिक क्षमता तथा कम दर पर निविदा भरने के कारणों को लेकर प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगे जाने की संभावना है।
नगरसेवकों का कहना है कि निविदा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं है तो नासिक प्रशासन को इसे स्पष्ट करना चाहिए। साथ ही पूरी प्रक्रिया की जांच कर निविदा प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है।