

Questions Over Roads Contracts: नासिक महानगरपालिका की स्थायी समिति की बैठक में गुरुवार को प्रशासन के कामकाज को लेकर सदस्यों ने जमकर सवाल उठाए। नेपाल में हुई दुर्घटना का हवाला देते हुए कई मुद्दे उठाए गए।
टेलीफोन कंपनियों द्वारा सड़कों पर खोदे जा रहे गड्ढे, सिंहस्थ कुंभ मेले के काम बाहरी ठेकेदारों को दिए जाने का आरोप, नियमों को ताक पर रखने के मामले तथा एक कनिष्ठ अभियंता की करोड़ों रुपये की संपत्ति का मुद्दा बैठक में छाया रहा। सदस्यों ने आरोप लगाया कि विभिन्न स्तरों पर मनपा को नुकसान पहुंचाया जा रहा है और प्रशासन से जवाब मांगा।
मनपा सभागृह में स्थायी समिति अध्यक्ष मच्छिंद्र सानप की अध्यक्षता में हुई बैठक में आयुक्त मनीषा खत्री सहित अधिकारी और समिति सदस्य उपस्थित थे। सार्वजनिक निर्माण विभाग सहित विभिन्न सरकारी एजेंसियां मनपा सीमा में इमारत अथवा अन्य निर्माण कार्य करते समय मनपा को इसकी जानकारी देती हैं।
हालांकि, संबंधित निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक अनुमति देने का अधिकार मनपा आयुक्त का होने के बावजूद इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है, यह मुद्दा सदस्यों ने उठाया। नदीपात्र में चल रहे निर्माण कार्यों, गणेशोत्सव की विसर्जन शोभायात्रा के मार्ग पर शुरू सड़क कार्यों और इससे उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं की ओर भी सदस्यों ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।
नागरिकों के जीवन से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, ऐसा आक्रामक रुख सदस्यों ने अपनाया। बैठक में कार्यसूची के 16 विषयों के साथ अतिरिक्त विषयों को भी मंजूरी दी गई। इनमें मनपा की विद्युत व्यवस्था की मरम्मत और सुधार के लिए करोड़ों रुपये के कार्यों को प्रशासनिक मंजूरी देने के प्रस्ताव शामिल थे।
विद्युत पोल, केबल, सर्विस वायर, एफआरपी बॉक्स तथा अन्य विद्युत सामग्री बदलने पर बड़े पैमाने पर खर्च होने वाला है। इसलिए इन कार्यों पर कड़ी निगरानी रखने की मांग सदस्यों ने की।
नासिक रोड विभाग के विभिन्न स्थानों पर खराब और जंग लगे विद्युत पोल, क्षतिग्रस्त केबल, सर्विस वायर और एफआरपी बॉक्स बदलने का काम मे एस. वी. इलेक्ट्रोमेक से कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस काम पर करीब 9.3 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है।
प्रभाग क्रमांक 17, 18 और 19 में खराब अथवा जंग लगे पोल, क्षतिग्रस्त केबल, सर्विस वायर और एफआरपी बॉक्स बदलने के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च अपेक्षित है। इस काम के लिए भी एस. वी. इलेक्ट्रोमेक का चयन किया गया है। प्राकलन दर से करीब 20 प्रतिशत कम दर पर काम कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
नासिक रोड विभाग में विद्युत पोल और केबल की मरम्मत एवं बदलाव के लिए भी करीब डेढ़ करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। जीएसटी सहित इस खर्च को मंजूरी देने की कार्रवाई की गई। शहर के नवविकसित क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था स्थापित करने के साथ ही सड़क और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े विभिन्न कार्यों के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
इस बीच, मानदेय पर अस्थायी रूप से नियुक्त कर्मचारियों की अवधि बढ़ाने, नासिक जलापूर्ति विभाग द्वारा मंजूर किए गए कार्यों की जानकारी, मुख्य लेखा परीक्षक की साप्ताहिक रिपोर्ट तथा अग्निशमन विभाग के कामकाज की रिपोर्ट समिति के समक्ष रखी गई।
एक ओर शहर में खराब विद्युत पोल और क्षतिग्रस्त केबल से नागरिकों की सुरक्षा का सवाल गंभीर बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर करोड़ों रुपये के कार्यों को मंजूरी दी जा रही है। ऐसे में कार्यों की गुणवत्ता, ठेकेदारों की कार्यक्षमता और वास्तविक खर्च पर प्रशासन का नियंत्रण रहेगा या नहीं, यह सवाल सदस्यों ने उठाया। नागरिकों के पैसों की बर्बादी रोकने के लिए प्रत्येक कार्य की कड़ी जांच और पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई।