नासिक मनपा चुनाव: एक ईवीएम पर चार बार बटन क्यों?, मतदान से पहले समझ लें पूरा प्रोसेस
Multi Member Ward System: नासिक मनपा चुनाव मल्टी-मेंबर वार्ड सिस्टम के तहत हो रहे हैं। एक मतदाता को चार अलग-अलग श्रेणियों से चार उम्मीदवारों को वोट देना होगा। प्रशासन जागरूकता अभियान चला रहा है।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
EVM Voting Voter Awareness Campaign: नासिक महानगरपालिका का चुनाव इस बार ‘मल्टी-मेंबर वार्ड सिस्टम’ के तहत आयोजित किया जा रहा है। इस प्रणाली में एक मतदाता को एक से अधिक उम्मीदवारों को वोट देना होता है, इसलिए पोलिंग स्टेशन जाने से पहले इस जटिल प्रक्रिया को समझना बेहद जरूरी है। प्रशासन द्वारा मतदाताओं को शिक्षित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है ताकि मतदान के दिन किसी भी प्रकार का तकनीकी भ्रम न रहे।
कैसे काम करता है मल्टी-मेंबर वार्ड सिस्टम ?
इस बार के चुनाव में वार्ड संरचना के हिसाब से एक भौगोलिक वार्ड से चार सदस्य (कॉर्पोरेटर) चुने जाएंगे। उम्मीदवारों को उनके आरक्षण के हिसाब से चार अलग-अलग कैटेगरी (अ, ब, क, ड) में बांटा गया है। एक वोटर को इन चारों समूहों (ग्रुप) में से एक-एक उम्मीदवार को वोट देना होगा। यानी एक ही ईवीएम मशीन पर वोटर को कुल चारबार बटन दबाना होगा।
क्या होगा अगर आप चौथा वोट नहीं डालना चाहते?
अक्सर मतदाताओं के मन में यह सवाल होता है कि यदि वे चारों उम्मीदवारों को पसंद नहीं करते, तो क्या होगा? अगर कोई वोटर सिर्फ तीन उम्मीदवारों को वोट देना चाहता है और चौथे ग्रुप में किसी को भी पसंद नहीं करता, तो उसे उस चौथे ग्रुप के लिए उपलब्ध ‘नोटा’ का बटन दबाना होगा।
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यदि वोटर चारों में से कोई भी एक वोट छोड़ देता है, तो ईवीएम मशीन ‘बीप’ नहीं करेगी और वोटिंग प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जाएगी। आपको वीवीपीएटी की पर्ची भी तभी मिलेगी जब चारों वोट रजिस्टर हो जाएंगे। कंट्रोल यूनिट से ‘बीप’ की आवाज सुनाई देने पर ही आपका मतदान सफल और वैध माना जाएगा।
वार्ड सिस्टम क्यों अपनाया जाता है?
वार्ड सिस्टम का मुख्य उद्देश्य बड़े क्षेत्रों का संतुलित विकास सुनिश्चित करना है। एक ही वार्ड में अलग-अलग जाति, धर्म और आरक्षण श्रेणियों के प्रतिनिधि चुने जाने से विकास कार्यों में पारदर्शिता और संतुलन बना रहता है। चार कॉर्पोरेटर एक साथ होने से फंड की प्लानिंग और उसे लागू करना आसान हो जाता है। ईवीएम मशीन पर ए, बी, सी और डी ग्रुप में उम्मीदवारों के नाम बंटे होंगे और हर ग्रुप से एक का चयन अनिवार्य होगा।
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‘नोटा’ ऑप्शन के लिए बटन कितनी बार दबाना चाहिए?
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, हर वार्ड ग्रुप (अ, ब, क.ड) के लिए उम्मीदवारों की सूची के अंत में एक अलग ‘नोटा’ विकल्प होगा, यदि आप किसी भी ग्रुप में उम्मीदवार को वोट नहीं देना चाहते, तो आपको उस विशिष्ट ग्रुप के लिए नोटा का बटन दबाना होगा। इस प्रकार चारों समूहों में अपनी असहमति जताने के लिए आपको चार बार नोटा का बटन दबाना पड़ सकता है।
