Nashik Municipal Corporation Politics ( Source: Social Media )
Nashik Municipal Corporation Politics: नासिक मनपा प्रशासन द्वारा प्रभाग समितियों की सदस्य संख्या के संबंध में महासभा को सिफारिश भेजने के साथ ही, अब समितियों के गठन और सभापति चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है।
दलीय स्थिति (बलाबल) के विश्लेषण से स्पष्ट है कि नासिक पश्चिम, पंचवटी और सातपुर जैसी तीन प्रमुख प्रभाग समितियों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का निर्विवाद नियंत्रण रहेगा, जबकि नासिकरोड समिति की सत्ता की चाबी शिवसेना (शिंदे गुट) के पास होगी।
मनपा के सामान्य चुनाव 2026 में 122 सीटों के लिए पार्षदों का चयन किया गया है। प्रशासन ने प्रस्ताव दिया है कि वर्तमान प्रभाग संरचना पिछले कार्यकाल के समान ही रखी जाए, क्योंकि प्रशासनिक और भौगोलिक सीमाओं में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
नवीन नासिक (24 सदस्य) में भाजपा के 12 और शिंदे गुट के 7 पार्षद हैं, जबकि नासिक पूर्व (19 सदस्य) में भाजपा के 9 और शिंदे गुट के 4 पार्षद हैं।
चूंकि महापौर और उपमहापौर चुनाव के लिए भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) ने पहले ही गठबंधन की घोषणा कर दी है।
इसलिए इन दो समितियों के लिए ‘युति धर्म’ का पालन करते हुए एक-एक वर्ष के अंतराल पर सभापति पद बांटने का फॉर्मूला तय किया जा सकता है।
दलीय आकड़ों के अनुसार, पंचवटी प्रभाग समिति (24 सदस्य। में भाजपा के पास 21 पार्षद हैं। नासिक पश्चिम (12 सदस्य) में भाजपा के 7 और सातपुर (20 सदस्य) में भाजपा के 14 पार्षद है, संख्या बल के इस स्पष्ट बहुमत के कारण इन तीनों समितियों पर भाजपा का एकतरफा कब्जा तय माना जा रहा है।
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नासिकरोड प्रभाग समिति (23 सदस्य) में बहुमत के लिए 12 पार्थदी की आवश्यकता है। यहां भाजपा के पास 9 और शिंदे गुट के पास 4 पार्षद है। यदि भाजपा इस समिति को ठाकरे गुट (10 पार्षद) के हाथों में जाने से रोकना चाहती है, तो उसे शिंदे गुट को साथ लेना अनिवार्य होगा, ऐसे में किंगमेकर की भूमिका निभा रहे शिंदे गुट को सभापति पद दिए जाने की प्रबल संभावना है।