

Nashik MP Bhaskarrao Bhagre Opposes: महाराष्ट्र सरकार पर आदिवासी समाज के विकास के लिए आरक्षित निधि को अन्य योजनाओं में स्थानांतरित कर उनके अधिकारों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते हुए दिंडोरी लोकसभा क्षेत्र के सांसद भास्करराव भगरे ने तीखा विरोध जताया है।
उन्होंने मांग की कि आदिवासी उपयोजना का पैसा शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के लिए ही खर्च किया जाए तथा अन्य योजनाओं में स्थानांतरित की गई राशि तत्काल मूल योजनाओं में वापस लाई जाए। भगरे ने कहा कि वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जनजाति उपयोजना के लिए राज्य बजट में 21,495 करोड़ रूपयों का प्रावधान था।
इसमें आदिवासी विकास विभाग को 3,420 करोड़ रूपयों का अनुदान दिया गया। शासन निर्णय के अनुसार, इसमें से 335.70 करोड़ ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण’ योजना के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को स्थानांतरित किए गए।
अप्रैल 2025 में भी इसी तरह निधि स्थानांतरण की बात सामने आई थी। उन्होंने 3,416 करोड़ रूपयों के कथित बड़े पैमाने पर निधि स्थानांतरण की भी जांच और पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। सांसद ने कहा कि सरकार को निधि किस लेखाशीर्ष से, किस अवधि में और किन लाभार्थियों के लिए स्थानांतरित की गई, इसका पूरा विवरण श्वेतपत्र के माध्यम से जनता के सामने रखना चाहिए।
उन्होंने 2026 में महाराष्ट्र विधानसभा में पेश कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए आदिवासी विकास विभाग की अंग्रेजी माध्यम आवासीय स्कूल योजना में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया। रिपोर्ट के अनुसार 2018-19 से 2023-24 के बीच 1398.62 करोड़ रूपये खर्च हुए, जबकि कुछ अपात्र स्कूलों को राशि दिए जाने और आवश्यक मंजूरी के बिना भुगतान किए जाने की बात सामने आई।
भगरे ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य, पेयजल और रोजगार की सुविधाएं अभी भी अपर्याप्त हैं। उन्होंने लंबित निर्माण कार्यों के भुगतान तत्काल करने तथा कैग की आपत्तियों की जांच की मांग की।
36,585 करोड़ की किसान कर्जमाफी योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसका वित्तीय भार आदिवासी या अन्य वंचित वर्गों की निधि से नहीं उठाया जाना चाहिए। भगरे ने चेतावनी दी कि निधि स्थानांतरण वापस नहीं हुआ तो संसद से नासिक और मंत्रालय तक व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा।