MHADA Land Scam: नासिक के म्हाडा आवास आरक्षण घोटाले पर एक्शन, SIT रिपोर्ट के बाद मंडल अधिकारी समेत 4 सस्पेंड

Nashik MHADA Land Scam: नासिक के 20% म्हाडा आवास आरक्षण से जुड़े कथित भूखंड घोटाले में एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर एक मंडल अधिकारी और तीन पटवारियों को निलंबित किया गया है।
Nashik MHADA Land Scam Officer And Suspended
नासिक MHADA ज़मीन घोटाला(फोटो नवभारत)
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One Officer And Three Patwaris Suspended: नासिक महानगरपालिका क्षेत्र में 20 फीसदी म्हाडा आवास आरक्षण से जुड़े कथित भूखंड घोटाले में राजस्व विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में गठित विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट के आधार पर एक मंडल अधिकारी और तीन पटवारियों को निलंबित किया गया है।

फेरफार प्रविष्टियों में गड़बड़ी का आरोप

जांच में अधिकारियों पर राजस्व नियमों की अनदेखी कर जमीनों से जुड़ी फेरफार प्रविष्टियां करने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि इन प्रविष्टियों में निर्धारित प्रक्रिया और नियमों का पालन नहीं किया गया। इसके चलते कुछ विकासकों को कथित तौर पर अनुचित लाभ पहुंचाया गया।

अधिकारियों की भूमिका को लेकर जांच में सवाल उठे हैं कि आखिर किन परिस्थितियों में नियमों को दरकिनार कर जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव किए गए। इस कथित अनियमितता से सरकार को राजस्व का नुकसान होने का भी आरोप है।

एसआईटी ने राजस्व रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद इन मामलों को गंभीर मानते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की। इसके आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई है।

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राजस्व रिकॉर्ड में कई अनियमितताएं उजागर

एसआईटी की जांच के दौरान म्हसरूल, गंगापुर और नासिक शहर-1 क्षेत्र के राजस्व रिकॉर्ड की विस्तृत पड़ताल की गई। जांच में जमीन से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड में कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं। अधिकारियों ने विभिन्न मामलों में की गई फेरफार प्रविष्टियों, जमीन के रिकॉर्ड में हुए बदलाव और संबंधित दस्तावेजों की जांच की।

इस दौरान कुछ प्रविष्टियों में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किए जाने के संकेत मिले। एसआईटी ने संबंधित अधिकारियों की भूमिका और उनके स्तर पर हुई कार्रवाई की भी पड़ताल की। जांच में सामने आए तथ्यों को रिपोर्ट में दर्ज कर वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपा गया।

रिपोर्ट के आधार पर अब संबंधित अधिकारियों के खिलाफ निलंबन समेत अन्य विभागीय कार्रवाई की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन मंडल अधिकारी अनिल रोकड़े तथा पटवारी सागर शेलार, शशिकांत चितालकर और मनीषा पाटिल के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।

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