

Tribal Student Protest In Nashik: शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता एवं विधायक आदित्य ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार पर जनता के मूलभूत सवालों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
नासिक में आदिवासी छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य में हर वर्ग को अपने हक के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है और सरकार आम लोगों की समस्याएं सुलझाने में पूरी तरह विफल रही है।
आदित्य ठाकरे ने कहा कि नासिक में आदिवासी छात्र पिछले 12 दिनों से अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। छात्रों की प्रमुख मांगों में छात्रावास, आश्रमशालाओं और शिक्षा से जुड़ी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार आंदोलन के बावजूद सरकार छात्रों की समस्याओं का ठोस समाधान निकालने के बजाय केवल टालमटोल वाले जवाब दे रही है।
ठाकरे ने कहा कि राज्य में लोगों को अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि उसे जनता के पेट, रोजगार और शिक्षा जैसे गंभीर सवालों से ज्यादा इस बात की चिंता है कि कौन शाकाहारी है और कौन मांसाहारी।
आदित्य ठाकरे ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) आदिवासी छात्रों के आंदोलन के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने बताया कि छात्रों की मांगों और उनकी समस्याओं को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा राकांपा सांसद सुप्रिया सुले से भी चर्चा की जाएगी। इसी दौरान पुणे में ध्वनि प्रदूषण और डीजे की तेज आवाज के खिलाफ आवाज उठाने वाले विद्यानंद बापट पर हुए हमले का मुद्दा भी ठाकरे ने उठाया।
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बापट किसी धर्म या त्योहार के विरोध में नहीं थे। वह केवल तेज आवाज और निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन करने की मांग कर रहे थे। ठाकरे ने ऐसे मामलों में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया।
अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में नए सीईओ की नियुक्ति पर भी ठाकरे ने भाजपा को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि मंदिर के लिए नए सीईओ की जरूरत क्यों पड़ी। आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि यह राम मंदिर को मिले दान और चंदे में गड़बड़ी की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा कि देशभर के रामभक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।