Public Health Maharashtra ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Public Health Maharashtra: नासिक जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जिले की स्वास्थ्य और पोषण स्थिति पर गंभीर चर्चा हुई। जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि कुपोषण की दर कम करने के लिए आपसी तालमेल के साथ प्रभावी कदम उठाए जाएं। इस बैठक में जिला परिषद के सीईओ ओमकार पवार सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
जिला प्रशासन ने कुपोषण को जड़ से मिटाने के लिए तीन मुख्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया है। जिले में गंभीर रूप से कुपोषित (SAM) और मध्यम कुपोषित ।
बच्चों की पहचान कर उन्हें विशेष चिकित्सा उपचार और उच्च गुणवत्ता वाला पौष्टिक आहार दिया जाएगा, पोषण ट्रैकर ऐप के प्रभावी उपयोग के लिए आंगनवाड़ी सेविकाओं को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा ‘अमृत आहार योजना’ के माध्यम से पूरक पोषण सुनिश्चित किया जाएगा, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को ‘मातृवंदन दिवस’ पर स्वास्थ्य और बाल देखभाल, का मार्गदर्शन दिया जाएगा। साथ ही जननी सुरक्षा योजना और बेबी केयर फिट का लाभ, अंतिम पात्र महिला तक पहुंचाया जाएगा।
बैठक में केवल स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक बुराइयों पर भी कठे फैसले लिए गए, महिला छात्रावासरे की सुरक्षा जांच के लिए वर्ग-1 की महिला अधिकारियों की विशेष नियुक्ति के निर्देश दिए गए है।
सभी मंगल कार्यालयों और लॉन में दहेज प्रतिबंध संबंधी सूचना फलक लगाना अनिवार्य होगा, भरोसा सेल और आंतरिक समितियां घरेलू हिसा के मामलों की समीक्षा भरोसा सेल के जरिए होगी। साथ ही हर सरकारी और निजी कार्यालय में महिलाओं के उत्पीड़न को रोकने के लिए ‘आतरिक शिकायत समिति’ का होना अनिवार्य कर दिया गया है।
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‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत पोस्टर और बैनर के माध्यम से शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य को लेकर व्यापक अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी ने साफ किया कि इस मिशन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।