कुंभ फंड पर हंगामे के बाद महापौर की सीधी दस्तक, मुख्यमंत्री से मांगा बकाया और बड़ा पैकेज
Nashik Kumbh Fund Issue: नासिक में कुंभमेले फंड को लेकर विवाद के बाद महापौर ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों के लिए बड़ा पैकेज और तुरंत फंड जारी करने की मांग की।
- Written By: आंचल लोखंडे
Mayor Meets CM Fadnavis (सोर्सः सोशल मीडिया)
Simhastha Kumbh 2027: सोमवार को महासभा में सिंहस्थ कुंभमेले के फंड को लेकर नगरसेवकों ने तीखी नाराज़गी जताते हुए प्रशासन को घेरने के बाद महापालिका पदाधिकारियों ने तत्काल सक्रियता दिखाई। इसी क्रम में मंगलवार को महापौर हिमगौरी आडके-आहेर और स्थायी समिति सभापति मच्छिंद्र सानप ने मुंबई जाकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर नासिक से जुड़ी विभिन्न मांगें रखीं। इस दौरान कुंभमेले के मंत्री गिरीश महाजन भी उपस्थित थे।
महासभा में फंड की कमी के कारण अटके विकास कार्यों पर नगरसेवकों के आक्रोश के बाद इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है। सिंहस्थ कुंभमेले जैसे वैश्विक धार्मिक आयोजन के लिए नासिक को बड़े पैमाने पर फंड की आवश्यकता है, लेकिन अपेक्षा से कम निधि मंजूर होने के कारण शहर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं, ऐसी भावना जनप्रतिनिधियों ने व्यक्त की थी। इसके बाद महज एक दिन में महापौर द्वारा मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मुद्दा उठाने से इस विषय को राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व मिला है।
महापालिका पर आर्थिक बोझ कम
महापौर हिमगौरी आडके-आहेर ने मुख्यमंत्री को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इसमें राज्य सरकार की ओर से नासिक महानगरपालिका को मिलने वाली जमीन राजस्व और गैर-कृषि कर की लंबित राशि को नगर नियोजन विभाग के तहत भरने वाले 50 प्रतिशत प्रीमियम शुल्क में समायोजित करने की मांग की गई है। इससे महापालिका पर आर्थिक बोझ कम होगा और विकास कार्यों को गति मिलेगी, ऐसा दावा किया गया।
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प्रशासनिक मंजूरी देने की मांग
साथ ही स्वच्छ महाराष्ट्र अभियान (शहरी) 2.0 के तहत स्वीकृत परियोजनाओं के लिए तुरंत फंड जारी करने की मांग भी की गई। आगामी सिंहस्थ कुंभमेले 2027 को ध्यान में रखते हुए शहर की स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन, सीवरेज, बुनियादी ढांचे और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास हेतु अतिरिक्त निधि की जरूरत बताई गई है। कुंभमेले की दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़कों के कार्यों को तत्काल प्रशासनिक मंजूरी देने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई।
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श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव
शहर के मुख्य मार्ग, कुंभ क्षेत्र तक पहुंचने वाले संपर्क मार्ग, यातायात व्यवस्था, पुल और पार्किंग जैसी सुविधाओं पर समय पर निर्णय नहीं हुआ तो भविष्य में बड़ी समस्याएं खड़ी हो सकती हैं, ऐसी चिंता भी जताई गई। इसके अलावा आगरटाकळी स्थित रामदास स्वामी मठ देवस्थान के विकास की मांग भी रखी गई। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस क्षेत्र में सुंदरीकरण, सड़क, पेयजल, स्वच्छता और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया।
कुंभमेले से पहले विकास कार्यों को रफ्तार
गौरतलब है कि महापालिका ने सिंहस्थ प्राधिकरण को करीब 15 हजार करोड़ रुपये के प्रस्ताव भेजे थे, लेकिन अब तक केवल 1,260 करोड़ रुपये के कार्यों को मंजूरी मिली है। इस बड़े अंतर को लेकर महासभा में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई थी और नगरसेवकों ने सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए थे। अब मुख्यमंत्री से हुई इस मुलाकात के बाद नासिक की लंबित मांगों को गति मिलेगी या नहीं, अतिरिक्त फंड की घोषणा होगी या नहीं और कुंभमेले से पहले विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी या नहीं इस पर पूरे शहर की नजरें टिकी हैं।
