नासिक कुंभ तैयारियों में 35 करोड़ का फर्जीवाड़ा, नकली दस्तावेज व डिजिटल सिग्नेचर से ठगी का सनसनीखेज खुलासा
Nashik Digital Signature Fraud: नासिक कुंभ 2027 तैयारियों में 35 करोड़ की धोखाधड़ी का खुलासा। फर्जी दस्तावेज और डिजिटल सिग्नेचर के जरिए ठगी, पुलिस ने मामला दर्ज किया।
- Written By: अंकिता पटेल
(प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स: सोशल मीडिया)
Nashik Simhastha Kumbh Scam: नासिक सिंहस्थ कुंभमेला 2027 को तैयारियों के नाम पर विभागीय आयुक्त कार्यालय के फर्जी दस्तावेजों और डिजिटल हस्ताक्षरों का उपयोग कर 35 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस संबंध में विभागीय आयुक्त के निजी सहायक की शिकायत पर नासिक रोड पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
घटना का खुलासा 28 अप्रैल 2026 को हुआ, जब नीलकंठ शेवाले नामक व्यक्ति कुंभमेला प्राधिकरण शाखा पहुंचा। शेवाले के पास सीसीटीवी सर्वेक्षण प्रणाली और एआई आधारित सुरक्षा व्यवस्था के 02 फर्जी कार्यदिश थे।
नाम की वर्तनी में गलती
विभागीय आयुक्त डॉ. प्रवीण गेडाम के आधिकारिक हस्ताक्षरों में नाम की वर्तनी ‘Praveen’ है, जबकि फर्जी पत्र पर ‘Pravin’ लिखा था। सहायक अनुसंधान अधिकारी योगेश सोमवंशी ने जांच में पाया कि पत्र की भाषा, मार्जिन और हस्ताक्षर का तरीका आधिकारिक प्रारूप से बिल्कुल अलग था।
सम्बंधित ख़बरें
जाति और वर्ग की राजनीति से आगे बढ़ चुका है देश, केंद्रीय मंत्री डॉ। मनसुख मांडविया का बड़ा दावा
छत्रपति संभाजीनगर से यवतमाल भेजे जा रहे 1040 बैग नकली खाद जब्त, कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, चार पर मामला दर्ज
जल संकट से सरकार के छुटे पसीने, 2027 तक पेयजल करें सुनिश्चित, सीएम फडणवीस का आदेश
Chhatrapati Sambhajinagar में नो-नेटवर्क क्षेत्रों को जल्द मिलेगा घरेलू नल कनेक्शन, मनपा आयुक्त के निर्देश
फर्जी दस्तावेज लगाए
जाच के दौरान सामने आई मुख्य बाते इस प्रकार है- फर्जी कार्यदिश में प्रॉजेक्ट की कुल लागत 35 करोड़ रुपये दर्शाई गई थी। प्रारंभिक जांच के अनुसार, गजानन पाटित चव्हाण ने ‘इनोवेटिव इंटेलिजेंस एआई ऑटोमेशन सॉल्यूशंस नामक एजेंसी के नाम पर ये फर्जी आदेश तैयार किए थे।
यह भी पढ़ें:-सिंहस्थ कुंभ की तैयारी तेज, नासिक रिंग रोड के लिए 55 किमी भूमि अधिग्रहण पूरा; जल्द शुरू होगा निर्माण
विभागीय आयुक्त ने स्वयं पुष्टि की कि दस्तावेजों पर मौजूद हस्ताक्षर उनके नहीं है। विभागीय आयुक्त के निजी सहायक विजय गोरख सोनवणे की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। नासिक रोड पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क का पता लगाने के लिए गहराई से जांच कर रही है।
