

Nashik Kumbh Mela 2026Infrastructure: त्र्यंबकेश्वर-नासिक सिंहस्थ कुंभ मेले 2026 के लिए महाराष्ट्र सरकार ने लगभग 35 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्यों की योजना तैयार की है। यह निधि श्रद्धालुओं की सुविधाओं, आधारभूत विकास कार्यों और कुंभ मेले के व्यापक नियोजन के लिए खर्च की जाएगी।
महाराष्ट्र में आयोजित होने वाला यह सिंहस्थ कुंभ मेला देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है। कुंभ मेले में शामिल प्रमुख 13 अखाड़ों के लिए विशेष निधि देने की घोषणा की गई है। प्रत्येक अखाड़े को अखाड़ा परिसर के अंतर्गत आवश्यक सुविधाएं विकसित करने हेतु 5 करोड़ रुपये का अनुदान महाराष्ट्र शासन की ओर से दिया जाएगा। इसके अलावा छोटे धार्मिक संस्थानों और आश्रमों को भी आर्थिक सहायता देने की तैयारी है। संकेत मिले हैं कि प्रत्येक आश्रम और संस्था को लगभग 15 लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
अनुमान के अनुसार त्र्यंबकेश्वर पंचक्रोशी क्षेत्र में लगभग 50 और नासिक क्षेत्र में 20 - से 25 आश्रम हैं। इस प्रकार कुल 75 से = 80 आश्रमों को इस योजना का लाभ- मिलने की संभावना है। यह निर्णय मुंबई में - आयोजित बैठक के दौरान सामने आया।
कुंभ मेले के दौरान साधु-संतों की व्यवस्था के लिए नासिक और त्र्यंबकेश्वर में बड़े पैमाने पर साधु ग्राम विकसित किए जाएंगे। बाहरी राज्यों से आने वाले साधु-संतों और तपस्वियों के निवास की व्यवस्था इन्हीं साधु ग्रामों में की जाएगी। नासिक में 1468 एकड़ भूमि पर लगभग 2400 प्लॉट विकसित किए जाएंगे, जबकि त्र्यंबकेश्वर में 688 एकड़ भूमि पर 470 प्लॉट तैयार किए जाने की योजना है।
इन प्लॉटों का आकार लगभग 300 से 600 मीटर तक रखा जाएगा। प्रशासन के अनुमान के अनुसार त्र्यंबकेश्वर में लगभग 7 लाख और नासिक में 3 लाख साधु-संतों की उपस्थिति रह सकती है। इस प्रकार कुल 10 लाख साधु-संतों के कुंभ मेले में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं मेले में 10 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। त्र्यंबकेश्वर में कुल 10 अखाड़े हैं, जिनमें 7 नागा साधुओं के अखाड़े शामिल है, जबकि नासिक में 3 अखाड़े स्थित हैं। साधु ग्राम के लिए भूमि अधिग्रहण किए जाने पर संबंधित जमीन मालिकों को उचित माता भी दिया जाएगा