कम बारिश की आशंका के बीच सरकार अलर्ट, महाराष्ट्र में पेयजल संकट से निपटने की तैयारी तेज

Maharashtra Water Crisis El Nino Tanker Supply News: महाराष्ट्र में अल-नीनो के असर और घटते जल भंडारण के बीच सरकार ने सूखा प्रभावित क्षेत्रों में वाटर टैंकरों की संख्या बढ़ाकर 466 कर दी है।
Maharashtra Water Crisis El Nino Tanker Supply News
महाराष्ट्र जल संकट अपडेट (सौ. सोशल मीडिया )
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Maharashtra Water Crisis El Nino News: राज्य में अल-नीनो का असर दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग ने इस साल औसतन कम बारिश का अनुमान व्यक्त किया है। राज्य के बांधों का जल भंडारण कम होता जा रहा है। गहराते जल संकट के बीच शासन व प्रशासन ने वाटर टैंकरों की संख्या बढ़ा दी है।

जहां पिछले महीने 86 वाटर टैंकरों से सूखा प्रभावित इलाकों में जलापूर्ति की जा रही थी, वहीं अब वाटर टैंकरों की संख्या बढ़ाकर 466 कर दी गई है। राज्य के जलापूर्ति और स्वच्छता विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अल-नीनो के संभावित खतरे को देखते हुए पानी के टैंकरों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है।

यह संख्या और बढ़ाई जा सकती है। राज्य के जिन इलाकों में पानी की कमी पाई जा रही है, वहां वाटर टैंकरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। वर्तमान में टैंकरों का इस्तेमाल करने वाले गांवों और बस्तियों की संख्या 1194 हो गई है। हालांकि पिछले साल की तुलना में यह संख्या कम है। वर्ष 2025 में मई के पहले सप्ताह में 1057 टैंकरों का इस्तेमाल किया गया था।

भविष्य में स्थिति से निपटने की तैयारी

जलापूर्ति और स्वच्छता विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले एक महीने में इस्तेमाल हो रहे पानी के टैंकरों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। हम स्थितियों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। टैंकरों की कम संख्या में इस्तेमाल होने का कारण पिछले वर्ष हुई भारी बारिश और उसके बाद जल स्त्रोतों, विशेष रूप से भूजल का फिर से भर जाना है। इससे इस साल मदद मिली है।

पेयजल को दें प्राथमिकता

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश दिए हैं कि अल नीनो के बढ़ते खतरे को देखते हुए, जल संरक्षण परियोजनाएं और 'जलयुक्त शिवार अभियान 2.0° के तहत होने वाले काम युद्धस्तर पर पूरे किए जाएं। उन इलाकों को प्राथमिकता दी जाए जहां भूजल का स्तर गिर रहा है, पानी की सख्त योजना और संरक्षण के उपाय लागू किए जाएं, ताकि अगस्त 2026 के आखिर तक पीने के पानी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को पेयजल को प्राथमिकता देने की सलाह दी है।

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