nashik rural infrastructure projects ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Rural Infrastructure Projects: नासिक केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘जल जीवन मिशन’ का मुख्य उद्देश्य 2024 तक हर ग्रामीण घर में नल से जल पहुंचाना था। नासिक जिले में इस सपने को पूरा करने के लिए अरबों रुपये का निवेश किया गया, लेकिन वर्तमान स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। जिले में 905 काम पूरे होने का दावा तो किया जा रहा है, लेकिन फंड की भारी कमी के कारण 255 महत्वपूर्ण योजनाएं बीच अधर में लटक गई हैं।
1,410 करोड़ और 1,222 संकल्प साल 2019 में जब इस मिशन का आगाज हुआ, तब नासिक जिला परिषद के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने एक मास्टर प्लान तैयार किया थाः कुल स्वीकृत योजनाएं: 1,222।
पुरानी योजनाओं का कायाकल्पः 712 करोड़ की लागत से 681 योजनाएं।
नई जलापूर्ति योजनाएं: 697 करोड़ के बजट वाली 541 योजनाएं।
बजट की कमीः ठेकेदारों की ‘हड़ताल’ और थकीत बिल, योजना की सबसे बड़ी रुकावट फंड का समय पर न मिलना साबित हो रहा है। जिन ठेकेदारों ने काम पूरा कर लिया है, उनके लगभग 500 करोड़ रुपये के बिल प्रशासन के पास लंबित हैं।
भले ही चुनौतियां बड़ी हों, लेकिन प्रशासन ने 446 सफल योजनाओं को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित कर दिया है। अब इन योजनाओं की देखभाल, मरम्मत और संचालन की जिम्मेदारी पूरी तरह से ग्राम पंचायतों की होगी।
जिले के 650 गांवों में फिलहाल पानी की आपूर्ति शुरू हो चुकी है, जो राहत की बात है। मार्च 2024 की समय सीमा समाप्त हो चुकी है, लेकिन नासिक के सैकड़ों गांवों में नल अब भी केवल ‘शोभा की वस्तु’ बने हुए हैं।
जब तक केंद्र और राज्य सरकार से फंड की बड़ी किश्त जारी नहीं होती, तब तक ‘हर घर जल’ का यह सपना कागजी दावों और अधुरे पाइपों में ही सिमटा रहेगा।
कैवल पैसा ही समस्या नहीं है, बल्कि प्रशासनिक बाधाएं भी बड़ी चुनौती हैं। कई गांवों में पाइपलाइन और टंकियां तैयार है, लेकिन बिजली कनेक्शन न होने की वजह से पंप नहीं चल पा रहे है। वन विभाग और अन्य संबंधित विभागों से समय पर अनुमति न मिलने के कारण कई पाइपलाइने बीच रास्ते में ही रुक गई हैं।
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भुगतान न होने के कारण ठेकेदारों ने अब नए काम करने या अधूरे कामों को। पूरा करने में दिलचस्पी दिखाना बंद कर दिया है। अधिकारियों के पास प्राप्त होने वाली निधि बहुत कम है, जबकि बिलों का पहाड़ बहुत बड़ा है। ऐसे में किसे पहले भुगतान करें, यह तय करना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।