प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
ACB Raid Nashik GST Office: महाराष्ट्र के नासिक से भ्रष्टाचार का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की मुंबई टीम ने एक जाल बिछाकर वस्तु एवं सेवा कर (GST) विभाग के दो बेहद वरिष्ठ अधिकारियों और उनके एक निजी बिचौलिए को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
नासिक में वस्तु और सेवा कर (GST) कार्यालय में कार्रवाई तेज करने के लिए 1.25 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में राज्यकर विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों और एक निजी व्यक्ति को एसीबी ने रंगे हाथ पकड़ा। यह कार्रवाई पाथर्डी फाटा स्थित जीएसटी कार्यालय में साजिश के तहत की गई। इस मामले से जीएसटी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं और प्रशासन में हलचल मच गई है। इस मामले में राज्य कर उपायुक्त सोमनाथ दत्तू पागे, सहायक राज्यकर आयुक्त मच्छिंद्र विट्ठल दोंदे और अमित जाधव को गिरफ्तार किया गया। शिकायतकर्ता का कार्यालय दामोदर चौक नासिक में है।
आरोप है कि पागे और दोंदे ने जीएसटी कार्रवाई जल्दी पूरी करने के लिए शिकायतकर्ता से 1.25 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी। बाद में दोनों पक्षों में समझौता हुआ और 1 करोड़ रुपये पर सौदा तय किया गया, जिसमें पहला हिस्सा 20 लाख रुपये देना था। शुक्रवार को एसीबी की टीम ने पाथर्डी फाटा स्थित जीएसटी कार्यालय में साजिश के तहत जाल बिछाया। तय अनुसार शिकायतकर्ता ने 20 लाख रुपये दी, जिसे जाधव ने पागे और दोंदे के लिए स्वीकार किया। उसी समय एसीबी ने जाधव को रंगे हाथ पकड़ लिया और बाद में दोनों अधिकारियों को भी हिरासत में लिया।
जांच के दौरान सोमनाथ पागे के कार्यालय से 2 लाख रुपये नकद बरामद हुए, साथ ही सभी आरोपियों के मोबाइल फोन भी जप्त किए गए। एसीबी ने उनके आवासों पर भी तलाशी लेने की प्रक्रिया शुरू की है। तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यह भी पढ़ें:- महाराष्ट्र के बजट में स्वास्थ्य व पर्यावरण की अनदेखी! राज्य के मुकाबले BMC का हेल्थ बजट ज्यादा
यह कार्रवाई एसीबी मुंबई टीम ने की। इस घटना के बाद नासिक के जीएसटी कार्यालय में खलबली मची है और सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार की समस्या फिर से चर्चा में आई है।