Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

कुंभ से पहले गोदावरी की जंग: जलकुंभी हटाने 43 लाख का प्लान, 15 ग्राम पंचायतों को मिलेंगी नावें

Nashik Godavari Cleaning: सिंहस्थ कुंभ से पहले गोदावरी की सफाई बड़ी चुनौती बनी है। जलकुंभी हटाने के लिए जिला परिषद ने 43 लाख का नया प्रस्ताव तैयार किया है।

  • Written By: अंकिता पटेल
Updated On: Feb 04, 2026 | 10:24 AM

प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )

Follow Us
Close
Follow Us:

Nashik Kumbh Mela Sanitation Drive: नासिक आगामी सिंहस्थ कुंभमेले के मद्देनजर गोदावरी नदी की स्वच्छता प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। कुंभमेले में देश-विदेश से आने वाले साधु-संतों और श्रद्धालुओं को स्वच्छ जल में स्नान का अनुभव मिले, इसके लिए जिला परिषद ने गोदावरी से जलकुंभी (पानवेली) हटाने के लिए 43 लाख रुपये का एक नया प्रस्ताव तैयार किया है।

गोदावरी की स्वच्छता को लेकर नासिक के जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने जिला परिषद को ठोस कार्ययोजना पेश करने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने एक प्रस्ताव तैयार किया है। गोदावरी के तट पर स्थित नासिक और निफाड तहसील की 15 ग्राम पंचायतों को एक-एक नाव उपलब्ध कराई जाएगी।

इन नावों पर बैठकर कर्मचारी नदी के भीतर फैली जलकुंभी को निकालेंगे। इस पूरी परियोजना पर करीब 43 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। पिछली विफलताओं से उठ रहे सवाल नदी से जलकुंभी निकालने का मुद्दा नासिक में हमेशा से विवादित रहा है।

सम्बंधित ख़बरें

क्रैश से 9 मिनट पहले अजित पवार ने किससे की थी बात? आखिरी कॉल रिकॉर्डिंग आई सामने, जानें क्या कहा

NEP 2020 के नाम पर भ्रम, 10वीं पासिंग पर बोर्ड से स्पष्टीकरण की मांग; 35% नियम अब भी लागू

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर मची अफरातफरी, आदोशी टनल के पास पलटा गैस टैंकर, मुंबई जाने वाली सभी लेन बंद

नासिक में जल जीवन मिशन पर ब्रेक: 422 योजनाएं अधूरी, फंड और ठेकेदारों की देरी से रुका पानी

इससे पहले नासिक महानगरपालिका ने मशीनों के जरिए जलकुंभी हटाने का प्रयास किया था, लेकिन वे मशीनें खुद जलकुंभी के जाल में फंसकर नाकाम हो गई। जिला परिषद ने दो साल पहले महिला बचत समूहों के माध्यम से जलकुंभी से वस्तुएं बनाने का प्रशिक्षण भी दिया था, जिस पर लाखों रुपये खर्च हुए, लेकिन वह प्रयोग भी सफल नहीं रहा।

औद्योगिक और रिहायशी सांडपाणी मुख्य जड़

ऐसे में अब 43 लाख की ‘नाव’ वाला यह नया प्रस्ताव कितना कारगर होगा, इस पर सवालिया निशान लगा हुआ है।
गोदावरी में नासिक शहर की औद्योगिक बस्तियों और रिहायशी इलाकों का सांडपाणी सीधे नदी में मिलता है, जिससे नासिक से लेकर निफाड के नांदूर मध्यमेश्वर तक जलकुंभी का घना जाल बिछा रहता है।

यह भी पढ़ें:-NEP 2020 के नाम पर भ्रम, 10वीं पासिंग पर बोर्ड से स्पष्टीकरण की मांग; 35% नियम अब भी लागू

हालांकि, स्वच्छ भारत मिशन के तहत 15 गांवी में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए गए है, लेकिन जलकुंभी की समस्या जस की तस बनी हुई है, प्रशासन का मानना है कि कुंभमेले में यदि नदी गंदी रही, तो श्रद्धालुओं और साधु-संतो का भारी रोष झेलना पड़ सकता है।

गोदावरी स्वच्छता अभियान के मुख्य बिंदु

कुंभमेले के दौरान साधु-सतों की स्वच्छ स्नान उपलब्ध कराना, नासिक और निफाड तहसील के 15 प्रमुख गांव, मशीनों की विफलता के बाद अब मानवीय बम (नाव के जरिए) पर भरोसा।

Nashik godavari cleaning kumbh mela plan environmental project

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Feb 04, 2026 | 10:24 AM

Topics:  

  • Maharashtra
  • Maharashtra News
  • Nashik
  • Nashik News
  • Nashik Simhastha Kumbh

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.