Nashik Farmer Loan Waiver: सरकारी फाइलों में फंसा 155 करोड़ का फंड, खरीफ सीजन से पहले अन्नदाता बेहाल

Farmer Loan Waiver: नासिक जिले के निफाड, दिंडोरी और मालेगांव के हजारों किसान कर्जमाफी के इंतजार में हैं। डेटा पोर्टल पर अपलोड होने के बावजूद राहत राशि खातों में नहीं पहुंची है।
Nashik Farmer Loan Waiver: ₹155 Crore Fund Stuck in Government Files; Farmers in Distress Ahead of the Kharif Season
कर्जमाफी प्रक्रिया के सुस्त काम की प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Farmer Debt Relief Nashik: जैसे-जैसे खरीफ सीजन करीब आ रहा है, नासिक जिले के किसानों की चिंताएं उतनी ही गहरी होती जा रही हैं। जिले के निफाड, दिंडोरी और सिन्नर सहित कई तहसीलों में हजारों किसान कर्जमाफी (Farmer Loan Waiver) की उम्मीद में सरकारी दफ्तरों और बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। विडंबना यह है कि प्रशासन की ओर से डेटा पोर्टल पर अपलोड होने के बावजूद, जमीनी स्तर पर राहत राशि का वितरण नहीं हो पाया है, जिससे अन्नदाता दोहरी मार झेल रहा है।

तहसीलवार कर्ज का 'पहाड़': निफाड में स्थिति सबसे गंभीर

जिले में बकाया ऋण के आंकड़े काफी डराने वाले हैं। नासिक की प्रमुख तहसीलों में कर्ज की स्थिति कुछ इस प्रकार है:

  • निफाड: यहाँ संकट सबसे गहरा है। कुल 7,545 कर्जदार किसानों पर 155 करोड़ 22 लाख रुपये का बकाया है।
  • मालेगांव: लगभग 6,561 किसानों पर 75।68 करोड़ रुपये का फसली ऋण बकाया है।
  • बागलाण: यहाँ 4,000 किसानों पर 60।71 करोड़ रुपये की देनदारी है।
  • सिन्नर: तहसील के 4,416 किसानों को करीब 44।10 करोड़ रुपये की कर्जमाफी मिलने की उम्मीद है।

पोर्टल पर अटका डेटा, आदेश का इंतजार

'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमाफी योजना' के तहत सरकार ने किसानों का डेटा ऑनलाइन तो मंगा लिया है, लेकिन प्रत्यक्ष लाभ अभी भी कोसों दूर है। जिला सहकारी बैंक के सूत्रों के अनुसार, अभी तक शासन की ओर से कर्जमाफी के क्रियान्वयन के लिए कोई आधिकारिक जीआर (Government Resolution) या लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। इसके अभाव में बैंक चाहकर भी ऋण पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू नहीं कर पा रहे हैं, जिससे किसानों को नया फसली ऋण मिलने में बाधा आ रही है।

खेती की बढ़ती लागत और आर्थिक दबाव

एक तरफ बेमौसम बारिश और फसल के गिरते दामों ने किसानों की कमर तोड़ दी है, तो दूसरी तरफ बीज, खाद और कीटनाशकों की कीमतों में भारी उछाल आया है। कर्ज न चुका पाने की स्थिति में बैंकों द्वारा वसूली की प्रक्रिया शुरू होने के डर से किसानों पर मानसिक दबाव बढ़ गया है।

प्रोत्साहन राशि पर भी संशय

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की थी कि जो किसान नियमित रूप से अपना कर्ज चुकाते हैं, उन्हें 50,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। हालांकि, ईमानदार किसान अब इस बात को लेकर सशंकित हैं कि क्या यह राशि खरीफ सीजन की बुआई शुरू होने से पहले उनके खातों में आ पाएगी?

यदि समय रहते सरकार ने फाइलों से बाहर निकलकर ठोस कदम नहीं उठाए, तो नासिक के किसानों के लिए आगामी खरीफ सीजन काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। फिलहाल, जिला बैंक और राजस्व विभाग केवल 'प्रक्रिया चल रही है' का राग अलाप रहे हैं, जबकि किसान आर्थिक तंगी के दलदल में धंसता जा रहा है।

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