किसानों का दशहरा हुआ फीका, नासिक में भारी बारिश से फूल उत्पादकों को नुकसान
Nashik News: नासिक में भारी बारिश ने दशहरे पर गेंदे के फूलों की आपूर्ति प्रभावित की। किसानों और व्यापारियों को नुकसान हुआ है। दशहरे पर फूलों की कीमतें दोगुनी हो गई है।
- Written By: आकाश मसने
मंडी में कम मात्रा में पहुंचे फूल (सोर्स: IANS)
Flower Farmers In Nashik Suffer Losses: महाराष्ट्र के नासिक जिले में भारी बारिश ने दशहरा पर्व की रौनक को फीका कर दिया है। हर साल दशहरा के अवसर पर गेंदे के फूलों की भारी मांग रहती है, लेकिन इस बार मौसम के कहर ने फूल उत्पादकों और व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में खिले फूल भीगकर खराब हो गए, जिससे किसानों और मंडी व्यापारियों को बड़ा नुकसान हुआ है।
स्थानीय मंडियों में गेंदे के फूल सीमित मात्रा में ही पहुंचे। किसानों का कहना है कि बारिश के कारण फूल गिर गए और गीले होने की वजह से उन्हें तोड़ना भी मुश्किल हो गया।
किसान गोकुल ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया कि बारिश ने फूल खराब कर दिए। मंडी तक माल नहीं पहुंच सका और जो पहुंचा, उसकी क्वालिटी भी अच्छी नहीं थी। खर्च भी नहीं निकल पाया। इसके चलते फूलों की कीमतें दोगुनी हो गईं, लेकिन ग्राहक महंगे दामों के कारण कम खरीदारी कर रहे हैं।
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भारी बारिश से फूलों को हुआ नुकसान
नासिक के एक अन्य किसान चंपतराय ने कहा कि अत्यधिक बारिश ने फूलों को बहुत नुकसान पहुंचाया। मांग कम होने से हमें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। किसानों ने सरकार से अपील की है कि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाव के लिए विशेष सहायता योजना बनाई जाए।
ग्राहकों ने भी स्थिति को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। एक ग्राहक ने कहा कि दशहरे की वजह से फूलों की मांग बढ़ी है, लेकिन कीमतें इतनी अधिक हो गई हैं कि पहले सस्ते लगने वाले फूल भी अब महंगे लग रहे हैं।
बारिश ने उम्मीदों पर फेरा पानी
मंडी व्यापारियों ने भी शिकायत की कि खराब क्वालिटी और कम आपूर्ति के कारण अपेक्षित मुनाफा नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर मौसम साफ रहता तो दशहरे सीजन में अच्छा मुनाफा मिल सकता था। बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
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किसानों और व्यापारियों ने बदलते मौसम और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। स्थानीय प्रशासन ने किसानों की समस्याओं पर विचार करने और आवश्यक मदद देने का आश्वासन दिया है।
इस तरह नासिक में इस बार दशहरे की रौनक मौसम की मार के कारण कम नजर आई। फूल उत्पादक और व्यापारी उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन और राज्य सरकार उनकी मदद करेंगे ताकि भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम किया जा सके।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
