

Dengue House Survey Drive In Nashik: नासिक शहर में इस वर्ष डेंगू के मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। अगस्त महीने में डेंगू के आंकड़े पिछले तीन वर्षों की तुलना में सबसे कम रहे हैं। मनपा द्वारा चलाए गए विशेष घर-घर सर्वेक्षण अभियान के कारण मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने में सफलता मिली है।
यह जानकारी मनपा आयुक्त मनीषा खत्री ने नवभारत से बातचीत करते हुवी दी। मनपा आयुक्त मनीषा खत्री ने सोमवार को पुराना नासिक स्थित मनपा डॉ. जाकीर हुसैन अस्पताल का अचानक दौरा कर स्वास्थ्य सुविधाओं और तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने डेंगू तथा स्वाइन फ्लू की स्थिति, दवाओं के स्टॉक और अस्पतालों में की गई तैयारियों की समीक्षा की।
आयुक्त मनिषा खत्री ने बताया कि डेंगू की रोकथाम के लिए मनपा की ओर से विशेष अभियान चलाया गया। इसके तहत अब तक 1 लाख 71 हजार घरों का सर्वेक्षण किया जा चुका है। इस दौरान पुराने टायर, पानी जमा करने वाले कंटेनर तथा अन्य स्थानों पर मौजूद मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट किया गया।
इन प्रतिबंधात्मक उपायों के चलते इस वर्ष अगस्त में डेंगू के मरीजों की संख्या पिछले तीन वर्षों के अगस्त महीने की तुलना में सबसे कम रही है। वहीं, देशभर में स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। इसे देखते हुए नासिक मनपा ने भी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों को टैमीफ्लू की दवा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। खासगी अस्पतालों में उपचार करा रहे मरीज भी सरकारी अस्पतालों से टैमीफ्लू की दवा मुफ्त प्राप्त कर सकते हैं।
डॉ. जाकीर हुसैन अस्पताल में वर्तमान में टैमीफ्लू की 4,400 गोलियों का स्टॉक उपलब्ध है। अगस्त महीने में करीब 1,000 गोलियों का इस्तेमाल हुआ है। आयुक्त ने बताया कि अस्पताल में दवाओं का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
स्वाइन फ्लू के संभावित बढ़ते मामलों को देखते हुए डॉ. जाकीर हुसैन अस्पताल और बिटको अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड तैयार रखे गए हैं। हालांकि, अब तक स्वाइन फ्लू के किसी मरीज को भर्ती करने की आवश्यकता नहीं पड़ी है, क्योंकि अधिकांश मरीजों में लक्षण हल्के हैं।
डेंगू की रोकथाम के लिए घर-घर अभियान तथा स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए दवाओं और आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था के माध्यम से नासिक मनपा की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह सतर्क रखी गई है।