

TB Care Private Lung Specialists Services: मुंबई के उपनगरीय और टीबी के अधिक प्रभावित क्षेत्रों के अस्पतालों में दवा-प्रतिरोधी टीबी के मरीजों को संभालने वाले निजी फेफड़ा रोग विशेषज्ञों की सेवाएं बंद हो गई हैं। ये विशेषज्ञ लंबे समय से जटिल मरीजों के उपचार में मदद कर रहे थे।
इसके बाद अब उन मरीजों को बड़े अस्पतालों तक भेजे जाने की आशंका है। इस खबर की वजह से टीबी मरीजों के परिवारों की चिंता बढ़ गई है। इस पर बीएमसी की तरफ से सफाई सामने आई है बीएमसी ने बताया है प्रशासन के इस निर्णय से मरीजों के जांच और उपचार की प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी।
2023 में मुंबई शहर में कुल 63,575 टीबी मामले दर्ज हुए थे। 2024 में यह संख्या 60,633 और 2025 में 54,390 रही। इनमें भी 2025 में मुंबई के निवासी मरीजों की संख्या 48,835 थी।
दवा-प्रतिरोधी टीबी के मामले भी 2022 के 5,698 से घटकर 2025 में 4,080 रह गए, बीएमसी ने दावा किया है टीबी के मरीजों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज हो रही हालांकि 2026 के टीबी मरीजों का आंकड़ा बीएमसी की तरफ से अभी तक औपचारिक तौर पर जारी नहीं किया गया है। लगातार चौथे साल टीबी के मरीज बढ़ें हैं या घटे हैं इसकी जानकारी ऑफिशियल आंकड़ा जारी होने के बाद ही पता चलेगी।
मुंबई डिस्ट्रिक्ट टीबी कंट्रोल सोसाइटी की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक मुंबई के जिन अस्पतालों से निजी फेफड़ा रोग विशेषज्ञों की सेवाएं बंद की गई है। वो सभी निजी अस्पतालों में एनजीओ की तरफ से सेवा दे रहे थे, जबकि सरकारी सभी अस्पतालों में फेफड़ा रोग विशेषज्ञ पहले की ही तरह मौजूद हैं।
उन विशेषज्ञों की कमी से जांच और उपचार प्रभावित नहीं होंगे, बीएमसी की तरफ कई निजी अस्पतालों में टीबी की जांच और उपचार की व्यवस्था की गई है। ऐसे में किसी भी मरीज को दूर के सरकारी अस्पताल जाने की जरूरत नहीं है।
जानकारी में आगे बताया गया मुंबई के सभी सरकारी अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी की जांच और उपचार की व्यवस्था मौजूद है। बीएमसी की तरफ टीबी को लेकर जन जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके अलावा टीबी जांच में लगने वाले उपकरणों और लैब को बढ़ाने पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।