नासिक रोड के बिटको अस्पताल में सुविधाओं की भारी कमी, मरीजों की परेशानी पर महापौर से मिला प्रतिनिधिमंडल
Nashik Road Municipal Hospital Problems: नासिक रोड के बिटको अस्पताल में स्टाफ की कमी, बंद वेंटिलेटर और आईसीयू सुविधा न होने जैसी समस्याओं को लेकर महापौर को ज्ञापन सौंपा गया है।
- Written By: अंकिता पटेल
Nashik Bitco Hospital Issues( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Bitco Hospital Issues: नासिक रोड स्थित महानगरपालिका के हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे बिटको अस्पताल में मरीजों और कर्मचारियों को हो रही परेशानियों के स्थायी समाधान के लिए महापौर और उपमहापौर से गुहार लगाई गई है।
पूर्व पार्षद जगदीश पवार ने महापौर हिमगौरी आडके और उपमहापौर विलास शिंदे से मुलाकात कर उन्हें इस संबंध में एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। चर्चा के दौरान पदाधिकारियों ने जल्द ही अस्पताल का दौरा कर समस्याओं को सुलझाने का आश्वासन दिया है।
अस्पताल की प्रमुख समस्याएं और मांगें: ज्ञापन में इस बात पर जोर दिया गया है कि स्टाफ की कमी के कारण
वर्तमान कर्मचारियों पर अत्यधिक तनाव है। प्रमुख मुद्दे इस प्रकार हैं।
सम्बंधित ख़बरें
मोहन भागवत से लेकर राहुल गांधी और अंबानी-अडानी तक, सुप्रिया सुले की बेटी की शादी में उमड़ा दिग्गजों का सैलाब
पेड़ भी बचेंगे प्रोजेक्ट भी बनेगा, MMRDA ने 13.9 Km लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए बदला डिजाइन
परभणी मंदिर हादसा: मलबे से निकलीं अपनों की लाशें, 5 मृतकों की हुई पहचान; मातम में बदली खुशियां
गणपतिपुले में समुद्र की लहरों में बहने वाले पांच श्रद्धालुओं का अब तक नहीं लगा सुराग, खोज अभियान जारी
कोविड काल के दौरान खरीदे गए 17 वेंटिलेटर वर्तमान में बंद पड़े हैं। इन्हें तत्काल शुरू करने की मांग की गई है। आईसीयू की सुविधा न होने के कारण प्रसूति और सिजेरियन ऑपरेशन के लिए आने वाली महिलाओं को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
एमआरआई की दरें अधिक होने से गरीब मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। साथ ही, हड्डियों के ऑपरेशन और अन्य महत्वपूर्ण सर्जरी भी फिलहाल बंद हैं।
अस्पताल में स्वच्छता और पानी की भारी कमी है। पांच में से केवल एक लिफ्ट चालू है और रात के समय पोर्च की लाइटें बंद रहने से नए मरीजों को आपातकालीन विभाग ढूंढने में परेशानी होती है।
निजी ठेकों के स्थान पर मनपा की अपनी लैब हो
जगदीश पवार ने आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले की जरूरतों को देखते हुए दूरदर्शी सुझाव दिए है। निजी ठेकी के बजाय स्थानीय उम्मीदवारों की सीधी भर्ती की जाए ताकि सेवाओं में निरंतरता रहे।
यह भी पढ़ें:-नासिक में अनुदानित 12 साल बाद आश्रमशाला कर्मचारियों को एनपीएस का लाभ, संघर्ष हुआ सफल
सिंहस्थ निधि का एक बड़ा हिस्सा बिटको अस्पताल के अपग्रेडेशन पर खर्च किया जाए, ‘कृष्णा लेब’ जैसे निजी टेकों के स्थान पर मनपा की अपनी लैब शुरू करने और लावारिस मरीजों के लिए विशेष वार्ड बनाने की मांग की गई है।
मानदेय पर कार्यरत मेडिकल स्टाफ को पहचान पत्र देने और उनकी सेवाओं को नियमित कर वेतन वृद्धि की मांग प्रमुखता से उठाई गई है।
