

Kalpana Kharat Gets Conditional Bail: अंधविश्वास, धर्म और आस्था की आड़ में महिलाओं से दुष्कर्म और करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा करने वाले नासिक के चर्चित भोंदूबाबा अशोक खरात की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अदालत ने अशोक खरात की न्यायिक हिरासत की अवधि और बढ़ा दी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई अब 30 सितंबर 2026 को तय की गई है।
अशोक खरात पर 47 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय घोटाले, महिलाओं के साथ यौन शोषण और बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी जैसे बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और नासिक पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं।
इस मामले में आरोपी अशोक खरात की पत्नी कल्पना खरात को विशेष अदालत से राहत मिली है। अदालत ने कल्पना खरात की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें 1 लाख रुपये के निजी मुचलके पर सशर्त जमानत दे दी है।
अदालत ने कल्पना खरात की जमानत मंजूर करते हुए कड़े निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट की शर्तों के मुताबिक, कल्पना खरात बिना अदालत की पूर्व अनुमति के देश छोड़कर बाहर नहीं जा सकती हैं। उनके पासपोर्ट और यात्रा संबंधी दस्तावेजों पर भी पाबंदी लागू की गई है।
भोंदूबाबा अशोक खरात पर आरोप है कि उसने अंधविश्वास, चमत्कार और धार्मिक अनुष्ठानों का झांसा देकर सैकड़ों लोगों को अपने जाल में फंसाया और उनसे 47 करोड़ रुपये से अधिक की रकम ऐंठ ली। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस धन का इस्तेमाल बेनामी संपत्तियां खरीदने और निजी ऐशो-आराम के लिए किया गया। इसके अलावा, बाबा पर अपने आश्रम में आने वाली कई पीड़ित महिलाओं के साथ यौन शोषण करने का भी आरोप है।
ED की ओर से अशोक खरात के खिलाफ दायर 3,000 पन्नों की चार्जशीट पर सुनवाई हुई। खरात को नासिक रोड जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। अशोक खरात खिलाफ नासिक, सिन्नर, शिरडी और राहाता में कुल 17 मामले दर्ज हैं। खरात पर दैवीय शक्तियों और भविष्यवाणियों की आड़ में महिलाओं के साथ यौन शोषण और आर्थिक धोखाधड़ी करने के आरोप हैं।