62 एकड़ जमीन की फाइलें गायब ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Revenue Department: नासिक त्र्यंबक रोड स्थित पुलिस अकादमी के सामने हजारों करोड़ रुपये मूल्य की 62 एकड़ जमीन से संबंधित संचिकाएं और महत्वपूर्ण दस्तावेजों वाली फाइलें गायब होने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
इस प्रकरण में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ सरकारवाड़ा पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। इस घटना के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मचा है और पूरे तंत्र ने इस जानकारी को गोपनीय रखने का प्रयास किया, जो अब सार्वजनिक हो चुका है।
नासिक तहसील कार्यालय के सहायक राजस्व अधिकारी स्वप्निल अहिरे की शिकायत पर सरकारवाड़ा पुलिस ने धारा 305 (ई) के तहत मामला दर्ज किया है। यह मामला नासिक शिवार के सर्वे नंबर 750, 751 और 755 की कुल 62 एकड़ जमीन से जुड़ा है।
इस जमीन पर शहर के एक नामी बिल्डर को हाउसिंग सोसायटी ने दावा किया था, जिसे उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया था। इसके बाद यह जमीन राजस्व विभाग के कब्जे में आ गई थी।
यह जमीन दिगंबर त्रिलोकचंद अहिरवार और उनके भाइयों के पास ‘कुळ कब्जा वहिवाट’ के रूप में थी। अहिरवार परिवार ने जब तहसीलदार कार्यालय से इन मामलों की संचिकाएं और कब्जा रसीदें मांगी, तो प्रशासन ने फाइलों के उपलब्ध न होने की बात कही।
सूचना का अधिकार के तहत भी जब फाइलें नहीं मिलों, तब जाकर यह स्पष्ट हुआ कि महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब कर दिए गए हैं। इसी आधार पर अब पुलिस जांच शुरू की गई है।
प्रशासनिक मुख्यालय में सुरक्षा को लेकर नागरिको में भारी आक्रोश है। कुछ दिन पहले ही परिसर से रेत तस्करी में जब्त किया गया एक ट्रक चोरी हो गया था और अब जमीन की फाइले गायच होने से हड़कंप मचा है।
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चर्चा है कि इस जमीन घोटाले में किसी बड़े सिंडिकेट का हाथ हो सकता है, जिसने अपनी गर्दन बचाने के लिए रिकॉर्ड रूम से सबूत ही मिटा दिए।
जमीन का क्षेत्रफल 62 एकड़, सर्वे नंबर: 750, 751 और 755 (नासिक शिवार), प्रस्ताव क्रमांक 51/15 से 65/15 तक की 6 फाइलें। पुलिस थानाः भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धारा 305 (ई)