

नासिक में स्मार्ट मीटरों की बिजली आपूर्ति बंद होने से 61 ट्रैफिक सिग्नल प्रभावित।
प्रमुख चौराहों पर यातायात जाम की शिकायत।
सार्वजनिक शौचालयों, उद्यानों और CCTV व्यवस्था पर भी असर पड़ने का दावा।
मनपा आयुक्त मनीषा खत्री ने महावितरण को पत्र लिखकर आपत्ति जताई।
महावितरण मुख्यालय से दिन में बिजली बंद रखने के नियम में छूट मिलने की जानकारी।
Nashik Traffic Signal Outage Smart Meter Controversy: नासिक में पथदीपों के स्मार्ट बिजली मीटरों की आपूर्ति बंद किए जाने से 61 ट्रैफिक सिग्नल दिन में काम नहीं कर रहे थे। इससे यातायात व्यवस्था के साथ सार्वजनिक शौचालयों, उद्यानों और सीसीटीवी सेवाओं पर भी असर पड़ा। मनपा की आपत्ति के बाद महावितरण मुख्यालय ने शहर को दिन में पथदीपों की बिजली बंद रखने के नियम से छूट दिए जाने की जानकारी दी है।
नासिक शहर में पथदीपों के लिए लगाए गए स्मार्ट बिजली मीटरों की आपूर्ति बंद होने से महानगरपालिका और महावितरण के बीच विवाद खड़ा हो गया। बिजली बाधित होने के कारण शहर के 61 ट्रैफिक सिग्नल दिन के समय बंद रहने लगे। इससे प्रमुख चौराहों पर यातायात जाम की समस्या सामने आई। पथदीपों के साथ सार्वजनिक शौचालयों, उद्यानों और सीसीटीवी व्यवस्था पर भी असर पड़ने की शिकायत की गई।
महानगरपालिका की आपत्ति के बाद महावितरण मुख्यालय ने नासिकशहर को दिन में पथदीपों की बिजली आपूर्ति बंद रखने के नियम से छूट दिए जाने की जानकारी दी। हालांकि, पूरे घटनाक्रम पर महावितरण की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
जानकारी के अनुसार, पिछले मंगलवार से शहर में ट्रैफिक सिग्नलों की बिजली आपूर्ति दिन के समय बाधित होने लगी थी। बताया गया कि महावितरण ने पथदीपों के बिजली कनेक्शनों की श्रेणी में बदलाव कर स्मार्ट मीटरों के जरिए दिन में आपूर्ति बंद कर दी थी। स्थानीय स्तर पर इन कनेक्शनों पर केवल रात में बिजली उपलब्ध कराने की बात कही गई।
इसका असर उन 61 ट्रैफिक सिग्नलों पर पड़ा, जिनकी बिजली आपूर्ति पथदीपों के मीटरों से जुड़ी हुई थी। कुछ स्थानों पर रात में भी देर तक बिजली बहाल नहीं होने की शिकायत सामने आई। परिणामस्वरूप यातायात नियंत्रण और सार्वजनिक सुविधाओं के संचालन में परेशानी बढ़ गई।
पथदीपों के बिजली मीटरों से केवल सड़क की लाइटें ही नहीं, बल्कि कई अन्य नागरिक सुविधाएं भी जुड़ी हुई हैं। इनमें सार्वजनिक शौचालयों, उद्यानों, ट्रैफिक सिग्नलों और CCTV सिस्टम की बिजली आपूर्ति शामिल है। इन सेवाओं के संचालन और रखरखाव के लिए दिन में भी बिजली की जरूरत होती है।
आपूर्ति बाधित होने से इन सुविधाओं के कामकाज पर असर पड़ने की शिकायत की गई। ऐसे में मामला केवल पथदीपों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यातायात प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं से भी जुड़ गया।
महानगरपालिका आयुक्त मनीषा खत्री ने महावितरण को पत्र भेजकर बिजली आपूर्ति बंद किए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने बताया कि दिन में बिजली बंद रहने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसके अलावा सार्वजनिक शौचालयों में प्रकाश और पानी की उपलब्धता, उद्यानों के उपयोग तथा अन्य नागरिक सुविधाओं पर भी असर पड़ रहा है।
मनपा की आपत्ति के बाद महावितरण मुख्यालय से शहर को नियम में छूट दिए जाने की जानकारी मिली है। अब बिजली आपूर्ति नियमित रहने और प्रभावित सेवाओं के सुचारू संचालन पर नजर रहेगी।